राजनांदगांव। पुश्तैनी मकान के निर्माण और पारिवारिक विवाद को लेकर परेशान एक पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। परिवार के आवेदक गोविंद कुमार ने संबंधित अधिकारियों को आवेदन सौंपकर अपने पुश्तैनी मकान के निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने और परिवार को संकट से उबारने की मांग की है।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि परिवार के पुश्तैनी मकान और उससे जुड़े अधिकारों को लेकर लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई है। इस विवाद के चलते परिवार को अपने पुराने मकान का जीर्णोद्धार और आवश्यक निर्माण कार्य कराने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

आवेदक गोविंद कुमार के अनुसार, पूर्व में पारित आदेशों और उपलब्ध पुख्ता दस्तावेजों के बावजूद समस्या का संतोषजनक निराकरण नहीं हो पाया है, जिसके कारण परिवार के सदस्यों को लगातार मानसिक और सामाजिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। परिवार का कहना है कि यह मामला सभी सदस्यों के आवास और जीवनयापन के मौलिक अधिकार से जुड़ा हुआ है, ऐसे में इस गंभीर विषय की अनदेखी उनके हितों के साथ सीधा अन्याय होगी।
पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि प्रस्तुत आवेदन और दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। पुश्तैनी मकान से संबंधित विवाद का नियमानुसार स्थायी निराकरण किया जाए। मकान निर्माण में आ रही अड़चनों को दूर कर परिवार को राहत प्रदान की जाए।
अब पीड़ित परिवार को जिला प्रशासन से पूरी उम्मीद है कि उन्हें जल्द से जल्द न्याय मिलेगा और उनके सिर पर मंडरा रहा बेघर होने का खतरा टलेगा।
पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए भीम आर्मी भारत एकता मिशन के जिला पदाधिकारियों ने भी अपनी मुखर आवाज बुलंद की है।
भीम आर्मी भारत एकता मिशन संगठन के जिला अध्यक्ष मुकेश शेंडे, उपाध्यक्ष रविन्द्र सिन्हा, जिला सचिव विक्की साखरे और जिला संगठन मंत्री इमानवेल सिंह ने संयुक्त रूप से प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाए, ताकि उन्हें और अधिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।










