*कस्तूरबा में समाज सेवा और पत्रकारिता पर चर्चा,,,,,सामाजिक बुराइयों पर कलम चलाने की अपील कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकारों का किया गया आत्मीय सम्मान

राजनांदगांव – शहर की समाजसेवी महिलाओं की सबसे पुरानी संस्था कस्तूरबा महिला मंडल द्वारा समाज में बढ़ती विद्रूपताएं व विसंगतियों को ध्यान में रखते हुए समाजसेवा और पत्रकारिता विषय पर चर्चा गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें कस्तूरबा की समाज सेवी महिलाओं सहित प्रिंट मीडिया व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े श्रम जीवी समझे जाने वाले पत्रकार जन उपस्थित रहे।

संस्था की संरक्षिका श्रीमती सरस्वती माहेश्वरी की उपस्थिति में संरक्षिका द्वय श्रीमती शारदा तिवारी ने बताया कि कस्तूरबा महिला मंडल के सेवा कार्यों को पत्रकारों का हमेशा से ही सहयोग व समर्थन मिलता रहा है।

इसके उद्भव काल से से ही वरिष्ठ पत्रकार / साहित्यकार शरद कोठारी, लीलाराम भोजवानी, दुलीचंद जी आदि कस्तूरबा के सेवा कार्यों का बढ़ावा देते रहे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की सहधर्मिणी कस्तुरबा के विचारों और सेवा कार्यों से प्रभावित होकर इस समाजसेवी संस्था का नामकरण किया गया। इससे जुड़ी महिलाएं न केवल जन सेवा, निर्धन बच्चों की शिक्षा, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने सहित, आगजनी सहित अन्य संकट ग्रस्त लोगों की मदद आदि के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते चली आ रही है।*बढ़ती सामाजिक बुराईयां पर चले कलम*

कस्तूरबा की अध्यक्ष श्रीमती अलका जानी ने कहा कि हमारे शहर में ही नहीं समाज के हर क्षेत्र में बुराईयों का साम्राज्य बना हुआ है। लोग नशा सेवन कर हर वो ग़लत काम कर रहे हैं जो सभ्य समाज के लिए उचित नहीं कहा जा सकता। शराब, गांजा व अन्य मादक पदार्थ की धड़ल्ले से बिक्री समाज को गर्त में धकेल रही है। बात-बात पर चाकू ,तलवार बंदूके आदि चल रही है। छोटे बच्चियां कुत्सित नजरों की शिकार है।

सड़को में तेज रफ्तार का कहर है । हादसे में लोग मारे जा रहे हैं मवेशियां बेमौत मारी जा रही है। समाज में कुछ भी अच्छा नहीं हो पा रहा है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के प्रहरियों को चाहिए कि इस पर अपनी बेबाक कलम चलाए। इसी तरह समाजसेवी अमिता मूंदड़ा व सरोज कोटड़ियां ने कहा कि महिलाए यदि अपने बच्चों को सहीं संस्कार दे तो समाज की आधे से अधिक बुराईयां खत्म हो सकती है।

इस अवसर पर पत्रकारों की ओर से वरिष्ठ कवि / साहित्यकार एवं पत्रकार आत्माराम कोशा “अमात्य” ने कहा कि समाज में सुधार का कार्य हमेशा चलते रहता है। कभी बुराईयां अधिक बढ़ जाती है तो कभी कम। राजनीति में विसंगतियां आती है तो उसे आइना दिखाने का काम पत्रकार जन करते हैं। वहीं समाज में विद्रूपताएं आने पर उसे प्रक्षालन का कार्य साहित्यकारो द्वारा किया जाता है। पत्रकार, कवि, साहित्यकार सदा सजग रहते हैं।
श्री कोशा ने कस्तूरबा महिला मंडल के समाज सेवी महिलाओं के सेवा कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की जिसे आज की महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया। चर्चा गोष्ठी को वरिष्ठ पत्रकार बसंत शर्मा “बस्सु” ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पत्रकारों का हार पहना कर आत्मीय सम्मान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती प्रज्ञा गुप्ता द्वारा राज्य गीत “अरपा पैरी धार” के गान के साथ हुआ।
इस अवसर पर कस्तुरबा की सचिव श्रीमती साधना तिवारी, कोषाध्यक्ष आशा गुप्ता, शोभा चोपड़ा, शोभारानी चौरसिया, अनिता जैन, अर्चना दास, नियामत हुड्डा, जनक बाई गुप्ता, मौसमी शर्मा, ममता शर्मा, तनुजा महिलांगे, भावना मौर्य व
वरिष्ठ पत्रकार ईश्वर साहू, गोविंद साहू पत्रकार मनोज देवांगन, ,र्सौरभ ताम्रकार , श्रेंयाश ,शुभम उपाध्याय, अमित चटर्जी , अभिषेक यादव , आत्माराम कोशा , बसंत शर्मा, रोहित दवांगन आदि पत्रकारो सहित कस्तुरबा विद्यालय के प्राचार्य प्रवीण गुप्ता, व्यवस्थापक सीताराम वैष्णव, व स्कूल स्टाफ के लोगों की उपस्थिति रही। उक्ताशय की जानकारी प्राचार्य श्री गुप्ता द्वारा दी गई।















