कठिन साधना में बैठे गुरू निर्वाण अनंतानंद उदासीन

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राजनांदगांव। गुरू निर्वाण अनंतानंद उदासीन जी महराज इन दिनों एक कठिन साधना कर रहे हैं। बैसाख (अप्रैल) की तपती दोपहरी में खुले में वह पँचधुना साधना करने आसन लगा रहे हैं।
गुरूजी बताते हैं कि यह साधना वह जनकल्याण की भावना को लेकर कर रहे हैं। कुल 41 दिनों की यह साधना डोंगरगाँव मार्ग पर स्थित श्री कल्याणिका देवस्थानम नामक मंदिर आश्रम में की जा रही है।
बाबाजी कल्याण आश्रम राजनांदगांव में यह साधना 2 अप्रैल से की जा रही है, यह धार्मिक कार्य 12 मई तक अनवरत चलेगा। प्रतिदिन दोपहर 11 बजे वह साधना में बैठते हैं। इसका समापन रोजाना साढ़े बारह बजे होता है।
गुरूजी के शब्दों में उन्हें ऐसी कठिन साधना की प्रेरणा मां भगवती सहित अपने गुरु परम तपस्वी बाबा कल्याण दास जी महाराज के आशीर्वाद से मिली। वह प्रतिदिन पाँच स्थानों पर कंडों को प्रज्वलित कर उनके मध्य में साधनारत होते हैं।