तीज गीतों पर थिरके कदम : सोलह श्रृंगार में सजीं महिलाएं, राजपूती संस्कृति के रंग में रंगा तीज महोत्सव

0

राजनांदगांव। हरितालिका तीज के अवसर पर राजनांदगांव का महाराणा प्रताप भवन रविवार को परंपरा, संस्कृति और महिला एकजुटता के रंग में सराबोर नजर आया। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा वीरांगना राजनांदगांव एवं छत्तीसगढ़ राजपूत महिला महासभा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीज महोत्सव में बड़ी संख्या में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा और सोलह श्रृंगार के साथ शामिल होकर पर्व की खुशियां साझा कीं। तीज गीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को उत्सव के रंग में रंग दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान शिव-पार्वती के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद अतिथियों का स्वागत-अभिनंदन किया गया। महिलाओं ने मेहंदी, पारंपरिक आभूषणों और रंग-बिरंगे परिधानों के साथ राजस्थानी एवं राजपूती संस्कृति की मनमोहक छटा प्रस्तुत की।

मंच से संगठन को मिला नया विस्तार

आयोजन के दौरान डोंगरगढ़ की रानी साहिबा कैरोलाइन सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया। इस अवसर पर संगठन की पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उनका स्वागत किया। आयोजन में रायपुर, दुर्ग-भिलाई, दुर्ग, खैरागढ़ और डोंगरगढ़ से पहुंचीं महिला पदाधिकारियों एवं सदस्यों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को व्यापक सामाजिक स्वरूप दिया।

अतिथियों ने कहा—संस्कृति को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी

मुख्य अतिथि श्रीमती वीणा सिंह के साथ श्रीमती इला सिंह कल्चुरी एवं श्रीमती रेणु सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। विशेष अतिथि के रूप में पूर्व महापौर श्रीमती हेमा देशमुख, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा वीरांगना श्रीमती नीतू सिंह, संरक्षिका डॉ. मधु भदौरिया, समाजसेवी श्रीमती करुणा यादव एवं डॉ. विधि उपस्थित रहीं।

अतिथियों ने कहा कि हरितालिका तीज केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कार और पारिवारिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण उत्सव है। ऐसे आयोजन महिलाओं को एक-दूसरे से जोड़ने के साथ सामाजिक एकता और महिला सशक्तिकरण को भी मजबूती देते हैं। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना आज के समय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

गीत-संगीत के साथ हुईं मनोरंजक गतिविधियां

महोत्सव में तीज गीत, नृत्य और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। महिलाओं के लिए मनोरंजक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताएं और गतिविधियां भी आयोजित की गईं। प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरा परिसर हंसी-खुशी से गूंजता रहा।

रायपुर से डोंगरगढ़ तक जुटीं महिला पदाधिकारी

कार्यक्रम में रायपुर से राष्ट्रीय महामंत्री कंचन चौहान, जिला अध्यक्ष आशा सिंह एवं टीम, दुर्ग-भिलाई से प्रदेश उपाध्यक्ष किरण सिंह, जिला अध्यक्ष ललिता सिंह एवं टीम, दुर्ग से श्री राजपूत करणी सेना की प्रदेश मंत्री सिंधु चंदेल एवं टीम तथा खैरागढ़ से जिला अध्यक्ष एवं राजकुमारी शताक्षी देवव्रत सिंह एवं टीम शामिल हुईं। डोंगरगढ़ से जिला अध्यक्ष नीति सिंह एवं उनकी टीम की उपस्थिति रही।

आयोजन में इनकी रही प्रमुख भूमिका

प्रदेश अध्यक्ष सुषमा सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष कनक लता सिंह एवं नीमा सिंह राजावत, संरक्षिका डॉ. मधु भदौरिया, जिला अध्यक्ष अनामिका सिंह गौतम, जिला उपाध्यक्ष रीना सिंह, अंजू सिंह एवं प्रिया सिंह, महासचिव सुधा पवार, सचिव रेखा सिंह, सह-सचिव निशा सेंगर एवं आभा सिंह तथा कोषाध्यक्ष कनकलता सिंह सहित संगठन की पदाधिकारी मौजूद रहीं।

वरिष्ठ सदस्य रवि चौहान, शशि भदौरिया, पुष्पा ठाकुर एवं शीला चौहान, मीडिया प्रभारी स्वाती चौहान एवं डिम्पल भदौरिया तथा सांस्कृतिक प्रभारी सपना सिंह, नेहा सिंह, प्रियंका सिंह एवं अलका सिंह ने आयोजन की व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यकारिणी सदस्यों एवं अन्य महिला सदस्यों की सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

संदेश साफ—संस्कृति ही हमारी पहचान

तीज महोत्सव के माध्यम से महिलाओं ने संस्कृति संरक्षण, सामाजिक एकता और महिला एकजुटता का संदेश दिया। आयोजन में यह बात प्रमुखता से सामने आई कि भारतीय संस्कृति और परंपराएं समाज की पहचान हैं और इन्हें केवल पर्व-त्योहारों तक सीमित न रखते हुए नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी जरूरी है। सामूहिक आयोजनों के माध्यम से समाज में आपसी भाईचारा, सौहार्द और सहभागिता को मजबूत किया जा सकता है।

अंत में आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले अतिथियों, पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यों एवं महिला सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। सामूहिक सहभागिता से संपन्न यह तीज महोत्सव राजनांदगांव में संस्कृति, परंपरा और महिला एकजुटता का यादगार आयोजन बन गया।