धान खरीदी से पहले किसानों की समस्याएं दूर करे सरकार : भूपेश तिवारी

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू होने से पहले किसानों की समस्याओं को लेकर आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आम आदमी पार्टी के राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के अध्यक्ष भूपेश तिवारी के नेतृत्व में गुरुवार को किसानों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर कृषि मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन के नाम डिप्टी कलेक्टर अभिषेक तिवारी को ज्ञापन सौंपा गया।

पार्टी ने धान का समर्थन मूल्य 3358 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने, राजीव गांधी किसान न्याय योजना की बकाया राशि 150 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान करने, गिरदावरी में पारदर्शिता बरतने तथा धान खरीदी में बायोमेट्रिक की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग उठाई।

ज्ञापन के माध्यम से भूपेश तिवारी ने कहा कि प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होने वाली है, लेकिन अभी भी कई किसानों का पंजीयन और गिरदावरी से संबंधित कार्य पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे समय में जब किसानों को अपनी फसल बेचने की तैयारी करनी चाहिए, उन्हें सरकारी प्रक्रियाओं, तकनीकी समस्याओं और पंजीयन में होने वाली देरी से जूझना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल फसल सर्वे और राजस्व संबंधी कार्यों में देरी के कारण किसानों के बीच धान खरीदी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। सरकार को किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए समय रहते सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करानी चाहिए, ताकि किसी भी किसान को अपनी उपज बेचने में परेशानी न हो। आम आदमी पार्टी ने धान के समर्थन मूल्य को लेकर कहा कि केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 में न्यूनतम समर्थन मूल्य में क्रमशः 117 रुपये, 69 रुपये और 72 रुपये की वृद्धि की गई है। पार्टी के अनुसार, इन बढ़ोत्तरी को जोड़ने पर कुल 258 रुपये की वृद्धि होती है।

ज्ञापन में मांग की गई है कि राज्य सरकार द्वारा वर्तमान में घोषित 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर में 258 रुपये जोड़कर किसानों को 3358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाए। पार्टी का कहना है कि किसानों को उनकी मेहनत और लागत के अनुरूप उचित मूल्य मिलना चाहिए। खेती में लगातार बढ़ती लागत को देखते हुए किसानों को आर्थिक राहत देना सरकार की जिम्मेदारी है।

ज्ञापन में राजीव गांधी किसान न्याय योजना की बकाया राशि का मुद्दा भी उठाया गया।
आम आदमी पार्टी ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में संचालित राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को मिलने वाली अंतिम किस्त के रूप में 150 रुपये प्रति क्विंटल की राशि बकाया है। पार्टी ने राज्य सरकार से मांग की कि किसानों के हित में इस लंबित राशि का जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

भूपेश तिवारी ने कहा कि किसानों को उनकी लंबित राशि के लिए इंतजार नहीं करना पड़े। सरकार को इस मामले में स्पष्ट निर्णय लेकर किसानों को राहत देनी चाहिए। आम आदमी पार्टी ने गिरदावरी और रकबे में संशोधन की प्रक्रिया को लेकर भी चिंता जताई। ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान में ऐप के माध्यम से किसानों के रकबे का संशोधन और रकबा सरेंडर करने की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में पटवारियों की हड़ताल के बीच तकनीकी और व्यावहारिक गलतियों की आशंका बढ़ सकती है।

पार्टी ने मांग की कि रकबे में किसी भी प्रकार का संशोधन पूरी सावधानी और पारदर्शिता के साथ किया जाए। संबंधित किसान की स्पष्ट सहमति के बिना उसके खाते में दर्ज कृषि भूमि के रकबे में कोई बदलाव नहीं किया जाना चाहिए। ज्ञापन में पिछले वर्ष रकबे में संशोधन और रकबा सरेंडर करने की प्रक्रिया के दौरान किसानों को हुई परेशानियों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि प्रशासन को ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, जिससे किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

पार्टी ने चेतावनी दी कि रकबे से संबंधित त्रुटियों के कारण किसी किसान को गंभीर संकट का सामना करना पड़ता है, तो इसके लिए संबंधित प्रशासनिक व्यवस्था की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। धान खरीदी केंद्रों में बायोमेट्रिक यानी अंगूठे के निशान की अनिवार्यता को लेकर भी आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि सर्वर की समस्या, नेटवर्क की कमी और विशेषकर बुजुर्ग किसानों के फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने के कारण धान बेचने की प्रक्रिया में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।

ज्ञापन में मांग की गई कि बायोमेट्रिक की अनिवार्यता को तत्काल समाप्त कर पहले की व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि तकनीकी समस्याओं के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने से वंचित न होना पड़े।

पार्टी ने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल किसानों की सुविधा के लिए होना चाहिए, न कि उनकी परेशानी बढ़ाने के लिए। आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने की मांग की। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि धान का समर्थन मूल्य 3358 रुपये प्रति क्विंटल करने, 150 रुपये प्रति क्विंटल की बकाया राशि का भुगतान करने तथा गिरदावरी और बायोमेट्रिक से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो किसानों के समर्थन में प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

पार्टी ने कहा कि धान खरीदी का समय किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में सरकार को सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखनी चाहिए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए भटकना न पड़े और उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े।

ज्ञापन सौंपने के दौरान आम आदमी पार्टी के राजनांदगांव लोकसभा अध्यक्ष भूपेश तिवारी, जिला अध्यक्ष राजेंद्र सोनी, अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष आरिफ खान, सोशल मीडिया प्रभारी राजीव यादव, ब्लॉक अध्यक्ष श्रीकांत सोनी, ब्लॉक अध्यक्ष सूरज डोंगरे और शुभम रामटेके सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।