शरद पूर्णिमा पर सत्यनारायण भगवान का दुग्धाभिषेकअमृतमयी खीर महाप्रसाद का हजारों भक्तों ने लिया लाभ, भजन संध्या में भक्ति रस से सराबोर हुई संस्कारधानी

राजनांदगांव। संस्कारधानी के 105 वर्ष पुराने श्री सत्यनारायण मंदिर में शरद पूर्णिमा श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मंदिर के गर्भगृह में विराजमान श्री सत्यनारायण भगवान का भक्तों ने दुग्धाभिषेक किया।

मनमोहक श्रृंगार दर्शन, सत्यनारायण कथा और आरती के साथ पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।मंदिर समिति के अध्यक्ष हरीश अग्रवाल ने बताया कि शरद पूर्णिमा पर भगवान श्री सत्यनारायण के गर्भगृह में दुग्धाभिषेक की परंपरा विगत 15 वर्षों से निरंतर निभाई जा रही है।

भक्त इस विशेष अवसर पर भगवान के दर्शन और दुग्धाभिषेक का लाभ लेकर स्वयं को धन्य मानते हैं।रात्रि 8 बजे से स्वरांजलि भजन संध्या ग्रुप द्वारा सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी गई। शहर की भजन गायिका प्रज्ञा गुप्ता ने भी अपनी मधुर भजन प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। चांदनी रात में अमृतमयी खीर महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसका हजारों भक्तों ने लाभ लिया।
इस आयोजन में मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, भवन व्यवस्था प्रभारी राहुल अग्रवाल सहित कार्यकारिणी के सभी सदस्य सेवा और व्यवस्थाओं में समर्पित भाव से जुटे रहे।उक्त जानकारी मंदिर समिति के सचिव सौरभ खंडेलवाल एवं उत्सव प्रभारी लक्ष्मण लोहिया ने दी।
















