डॉ. प्रकाश खूंटे, राजेश मारू और बीरेंद्र बहादुर सिंह छत्तीसगढ़ गौरव अवॉर्ड से सम्मानित

राजनांदगांव 25 अक्तूबर – शासकीय मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव के प्राध्यापक और नगर के लोकप्रिय चिकित्सक डॉ. प्रकाश खूंटे, बर्फानी सेवाश्रम समिति मां पाताल भैरवी मंदिर के अध्यक्ष और समाजसेवी डॉ . राजेश मारू तथा वरिष्ठ पत्रकार और लेखक डॉ. बीरेन्द्र बहादुर सिंह को छत्तीसगढ़ गौरव अवॉर्ड से सम्मानित किया गया

एक नई सोच के साथ सकारात्मक खबरों के मिशन को लेकर चल रहे अखबार दैनिक दबंग स्वर के 6 वें स्थापना दिवस पर वक्ता मंच द्वारा आज राजधानी रायपुर के वृंदावन सभागृह में एक गरिमायुक्त और विविधता से परिपूर्ण भव्य आयोजन में डॉ. प्रकाश खूंटे को चिकित्सा के क्षेत्र में, श्री मारू को उत्कृष्ट समाजसेवा और बीरेन्द्र बहादुर सिंह को पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिय छत्तीसगढ़ गौरव अवॉर्ड से सम्मानित किया गया ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रगतिशील कृषक डॉ .राजाराम त्रिपाठी थे ।
अध्यक्षता प्रेस क्लब रायपुर के पूर्व अध्यक्ष अनिल पुसदकर ने की । विशिष्ट अतिथि राजकुमार द्विवेदी (स्वदेश उप संपादक),डॉ. विपिन दुबे (भू जल वैज्ञानिक), साहित्यकार डॉ. माणिक विश्वकर्मा नवरंग, और हेमराजू (निःशुल्क कोचिंग संचालक) थे ।उल्लेखनीय है कि सेवाभावी चिकित्सक डॉ. प्रकाश खूंटे ने अल्प समय में ही अपनी चिकित्सा सेवा, बेहतर इलाज और मधुर व्यवहार से नगर में अपार ख्याति प्राप्त की है ।

श्री राजेश मारू से अपनी चार दशक की समाजसेवा में नगर के मंदिरों के निर्माण और जीर्णोद्धार समेत कोरोना काल में समाजसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया था । जिले के पहुंचविहीन वनांचल क्षेत्रों में आदिवासी परिवारों को प्रति वर्ष चादर, कम्बल, साड़ी , स्वेटर आदि का वितरण, जरूरतमंद मरीजों को दवाइयां और निर्धन कन्याओं के विवाह में उनकी आर्थिक सहायता करना उनकी समाजसेवा के विविध आयाम हैं । वीरेन्द्र बहादुर सिंह ने तीन दशक से ज्यादा की पत्रकारिता के साथ साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया है ।
छुईखदान के इतिहास पर केंद्रित उनकी पुस्तक छुईखदान परत दर परत को बुद्धिजीवियों से लेकर आम पाठकों से सराहना मिली है । इसके अलावा उन्होंने पांच पुस्तकों और दो स्मारिकाओं का संपादन कर अपनी पृथक पहचान बनाई है । वक्ता मंच के अध्यक्ष राजेश पराते और संयोजक शुभम साहू ने बताया है कि अवॉर्ड हेतु प्रदेश भर से 500 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुई थी l समारोह में रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, छत्तीसगढ़ी भाषा के उत्थान सहित खेल, योग, कला, प्रशासन, साहित्य, संस्कृति, लोक कला, अध्ययन, अभिनय, एंकरिंग, समाज सेवा, चिकित्सा , अनुसंधान, पत्रकारिता जैसे बहु आयामी क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभूतियों को सम्मानित किया गया l










