राजनांदगांव। धर्मनगरी राजनांदगांव के बाबू टोला (वार्ड क्रमांक-1) स्थित शक्तिधाम अघोर शोध एवं जनकल्याण आश्रम महाकाली मंदिर में शारदीय (क्वांर) नवरात्र का शुभारंभ अत्यंत ही भक्तिमय और दिव्य वातावरण में हुआ है। इस वर्ष मंदिर में कुल 91 मनोकामना ज्योत कलश प्रज्ज्वलित किए गए हैं, जिनकी पावन रोशनी से पूरा मंदिर परिसर जगमगा उठा है। हर साल की तुलना में इस बार भक्तों की संख्या और उनके उत्साह में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। नवरात्र के पहले दिन ही मां महाकाली के दर्शन और पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
इस बार मंदिर समिति द्वारा गौ माता के संवर्धन, संरक्षण और उनकी महत्ता को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक अनूठी पहल की गई है। इसके तहत मंदिर परिसर में तीन दिवसीय कामधेनु महायज्ञ एवं गौ कथा का आयोजन किया जा रहा है, जो राजनांदगांव जिले में अपने आप में पहला आयोजन है। इस धार्मिक अनुष्ठान को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
मंदिर के प्रमुख हरीश यादव ने बताया कि इस वर्ष प्रज्ज्वलित 91 मनोकामना ज्योतों में दुर्ग, भिलाई, रायपुर, बिलासपुर, उत्तर प्रदेश तथा विभिन्न वनांचल क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था प्रकट की है। दूर-दराज से आए भक्त यहां पहुंचकर मां महाकाली के दरबार में अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर समिति ने सुरक्षा, साफ-सफाई और सुगम दर्शन के पुख्ता इंतजाम किए हैं। कामधेनु महायज्ञ के तहत आम जनता को आस्था से जोड़ने के लिए ‘एक मुट्ठी चावल का दान, गौ माता का सम्मान’ अभियान की शुरुआत की गई है। इसके लिए एक विशेष आयोजन समिति का गठन किया गया है, जो शहर के प्रत्येक वार्ड में जाकर मातृशक्ति के सक्रिय सहयोग से घर-घर से चावल एकत्रित कर रही है।
शारदीय नवरात्र के इन नौ दिनों में महाकाली मंदिर शक्तिधाम में होने वाले विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों से पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में सराबोर हो गया है।










