विहिप-बजरंग दल की अपील, पारंपरिक पद्धति से करें गणेश प्रतिमाओं का निर्माण

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राजनांदगांव। गणेश उत्सव को लेकर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल ने स्थानीय मूर्तिकारों से भगवान श्रीगणेश की प्रतिमाओं का निर्माण पारंपरिक पद्धति से करने की अपील की है। संगठन ने कहा कि गणेश प्रतिमाओं में धार्मिक आस्था के साथ भारतीय कला, संस्कृति और परंपरा की झलक भी दिखाई देनी चाहिए।

विहिप-बजरंग दल ने मूर्तिकारों से प्रतिमाओं के निर्माण में प्राकृतिक मिट्टी और पारंपरिक सामग्री का उपयोग करने तथा प्लास्टर ऑफ पेरिस एवं रासायनिक रंगों के अनावश्यक इस्तेमाल से बचने का आग्रह किया। संगठन के अनुसार मिट्टी से निर्मित प्रतिमाएं पर्यावरण के अनुकूल विकल्प हैं और इनके उपयोग से पारंपरिक कला को भी बढ़ावा मिलेगा।

स्थानीय कारीगरों को मिले प्रोत्साहन

संगठन ने कहा कि स्थानीय मूर्तिकार भारतीय संस्कृति और परंपरा को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए गणेश उत्सव के दौरान स्थानीय कारीगरों द्वारा निर्मित पारंपरिक प्रतिमाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे मूर्तिकारों को रोजगार और प्रोत्साहन मिलने के साथ स्थानीय कला को भी संरक्षण मिलेगा।

परंपरा और पर्यावरण दोनों का रखें ध्यान

विहिप एवं बजरंग दल ने शहरवासियों से भी अपील की कि वे गणेश उत्सव में मिट्टी से बनी पारंपरिक प्रतिमाओं की स्थापना करें और स्थानीय मूर्तिकारों को प्रोत्साहित करें। संगठन ने कहा कि गणेश उत्सव आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला पर्व भी बने। इसी भावना के साथ ‘परंपरा भी बचे और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे’ के संकल्प के साथ उत्सव मनाया जाना चाहिए।

बजरंग दल जिला संयोजक राहुल बलदेव मिश्रा ने कहा कि गणेश प्रतिमाओं के निर्माण में हमारी परंपरागत कला और संस्कृति का स्वरूप दिखाई देना चाहिए। मूर्तिकार प्राकृतिक मिट्टी और पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग करें, ताकि धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी समाज तक पहुंचे। उन्होंने शहरवासियों से स्थानीय मूर्तिकारों से पारंपरिक प्रतिमाएं खरीदने और उन्हें प्रोत्साहित करने की अपील की।