जय श्री महाकाल के जयघोष के साथ 400 तीर्थयात्री तीन ज्योतिर्लिंगों के दर्शन को रवाना

राजनांदगांव- महाकाल सेना राजनांदगांव द्वारा प्रतिवर्ष की परंपरा के तहत आयोजित धार्मिक यात्रा के लिए मंगलवार को लगभग 400 महाकाल भक्तों का जत्था महाराष्ट्र स्थित तीन ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए रवाना हुआ।

रवानगी के दौरान ‘जय श्री महाकाल’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। यात्रा में युवा, बुजुर्ग सहित विभिन्न वर्गों के श्रद्धालु शामिल हैं।

यात्रा के दौरान श्रद्धालु महाराष्ट्र के तीन प्रमुख ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करेंगे— त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, नासिक, भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग पुणे, घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग औरंगाबाद।महाकाल सेना द्वारा तीर्थयात्रियों के लिए निशुल्क दर्शन की व्यवस्था की गई है।

यात्रा पूर्ण होने के बाद श्रद्धालु 3 अक्टूबर को बॉम्बे-हावड़ा ट्रेन से संस्कारधानी राजनांदगांव वापस लौटेंगे।*25 वर्षों से चली आ रही धार्मिक यात्रा की परंपरा*महाकाल भक्त पवन डागा ने बताया कि लगभग 25 वर्षों से सामूहिक रूप से धार्मिक यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है। प्रारंभ में यात्रियों की संख्या कम रहती थी, लेकिन बाबा महाकाल की कृपा से अब लगभग 400 भक्त इस यात्रा में शामिल हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आस्था, भक्ति और एकता का अवसर है।*जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने दी शुभकामनाएं*
तीर्थयात्रियों की रवानगी के अवसर पर सांसद संतोष पांडे, पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा, महापौर मधुसूदन यादव, निगम अध्यक्ष पारस वर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से राधेश्याम शर्मा व जितेंद्र शर्मा, राजेश जैन, निगम प्रतिपक्ष नेता संतोष पिल्लै, गणेश पावर, राजू लड्डा, संजू लड्ढा, हरीश गांधी, आशीष सोनी, विजय भट्टड़, विकास साहू, भावेश अग्रवाल, शाहिद भाई, सूरज बुद्धदेव, सुरेश तिवारी, जुगल लड्ढा सहित महाकाल भक्तों एवं समाजसेवियों ने उपस्थित होकर तीर्थयात्रियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।आयोजक एवम् प्रेषक — महाकाल सेना, सिंघोला राजनांदगांव











