राजनांदगांव। नवरात्रि के पावन पर्व पर आयोजित होने वाले गरबा कार्यक्रमों को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेता सुनील सेन ने आयोजकों से धार्मिक मर्यादा और सनातन संस्कृति का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गरबा केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि भक्ति, संस्कार और मां दुर्गा की आराधना का पवित्र पर्व है।
भाजपा नेता सुनील सेन ने सभी गरबा समितियों एवं आयोजकों से आग्रह किया है कि गरबा पंडालों में अश्लील व फिल्मी गीतों, फूहड़ नृत्य और आपत्तिजनक पहनावे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। गरबा का पूरा माहौल भक्तिमय, पारिवारिक और धार्मिक मान्यताओं के अनुकूल होना चाहिए।
सुनील सेन ने सुझाव दिया कि प्रत्येक गरबा पंडाल में प्रवेश से पूर्व श्रद्धालुओं को तिलक/टीका लगाना, हाथ में मौली (कलावा) धारण कराना तथा “जय माता दी” का उद्घोष करना अनिवार्य आचार-संहिता का हिस्सा बनाया जाए। आयोजक यह सुनिश्चित करें कि हिंदू आस्था और सनातन संस्कृति में निष्ठा रखने वाले श्रद्धालुओं को ही प्रवेश दिया जाए।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जो लोग केवल सैर-सपाटे या मौज-मस्ती के उद्देश्य से आते हैं, उनका प्रवेश पूरी तरह निषेध होना चाहिए। आयोजन समिति यह विशेष ध्यान रखे कि केवल भक्ति भावना से ओतप्रोत लोग ही इस पावन उत्सव में सम्मिलित हों।
सुनील सेन ने कहा कि गरबा की पहचान हमारी समृद्ध संस्कृति और भक्ति से है, अश्लीलता से नहीं। इसलिए आयोजक अनुशासन, धार्मिक मर्यादा के साथ-साथ पंडालों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें।










