राजनांदगांव। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अनीस खान ने स्मार्ट मीटर को लेकर राज्य सरकार और बिजली विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जब केंद्र सरकार संसद में इसे वैकल्पिक (ऑप्शनल) बता चुकी है, तो छत्तीसगढ़ में इसे अनिवार्य रूप से किस कानून या आदेश के आधार पर लागू किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से इस संबंध में स्पष्ट वैधानिक आदेश सार्वजनिक करने की मांग की है।
अनीस खान ने कहा कि 2 अप्रैल 2026 को लोकसभा में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने स्पष्ट किया था कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर सभी उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य नहीं हैं। इसके बावजूद प्रदेश में उपभोक्ताओं पर स्मार्ट मीटर लगाने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार है, ऐसे में दोनों के रुख में विरोधाभास समझ से परे है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने राजनांदगांव के कार्यपालन अभियंता से स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता का वैधानिक आदेश मांगा था, लेकिन विभाग कोई स्पष्ट आदेश प्रस्तुत नहीं कर सका और केवल भारत के राजपत्र का हवाला दिया। उनका दावा है कि विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 47(5) में भी प्रत्येक उपभोक्ता के लिए स्मार्ट मीटर अनिवार्य किए जाने का स्पष्ट प्रावधान नहीं है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यदि छत्तीसगढ़ सरकार, बिजली विभाग या छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) ने किसी अधिसूचना, संशोधन, विनियम या शासनादेश के माध्यम से स्मार्ट मीटर अनिवार्य किए हैं, तो उसकी प्रति, आदेश संख्या और तिथि सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को वास्तविक कानूनी स्थिति की जानकारी मिल सके।
अनीस खान ने आरोप लगाया कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल दो से तीन गुना तक बढ़ने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। साथ ही निजी एजेंसियों द्वारा बिना लिखित आदेश दिखाए उपभोक्ताओं पर स्मार्ट मीटर लगाने का दबाव बनाए जाने की शिकायतें भी मिल रही हैं।
उन्होंने कहा कि हाल ही में कबीरधाम जिले में बढ़े हुए बिजली बिलों से नाराज उपभोक्ताओं ने विरोध स्वरूप अपने घरों से स्मार्ट मीटर निकालकर विद्युत विभाग कार्यालय के सामने फेंक दिए थे। यदि यह व्यवस्था पूरी तरह जनहित में है, तो सरकार के ही जिले में इतना बड़ा जनविरोध क्यों देखने को मिला।
अनीस खान ने कहा कि यदि स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता का कोई स्पष्ट कानूनी आधार नहीं है, तो सरकार इसे स्वैच्छिक रखे और जबरन मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिजली विभाग जल्द ही उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान नहीं करता, तो जिला कांग्रेस कमेटी आम जनता के हित में लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करेगी।










