राजनांदगांव। हिंदू जागरण मंच जिला राजनांदगांव ने नगर में संचालित मांस-मटन विक्रय केंद्रों को व्यवस्थित करने, गौमांस के अवैध विक्रय व परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने तथा गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किए जाने की मांग को लेकर जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया है। संगठन ने इस संबंध में जिलाधीश को ज्ञापन सौंपते हुए नगर में मांस-मटन की बिक्री के लिए एक अथवा अधिकतम दो स्थान निर्धारित करने की मांग की है। साथ ही, संबंधित दुकानों का सर्वेक्षण कराकर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।
स्वच्छता और व्यवस्था पर जोर
हिंदू जागरण मंच का कहना है कि नगर की स्वच्छता, सार्वजनिक व्यवस्था, यातायात, नागरिकों की सुविधा और धार्मिक-सांस्कृतिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मांस-मटन विक्रय केंद्रों के संचालन के लिए एक सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली की आवश्यकता है। ज्ञापन में बताया गया कि राजनांदगांव नगर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित मांस-मटन विक्रय केंद्रों का समुचित सर्वेक्षण कराया जाना चाहिए। नगर निगम एवं संबंधित विभागों के माध्यम से इन केंद्रों की स्थिति का आकलन कर प्रशासनिक और विधिक प्रावधानों के अनुरूप एक या अधिकतम दो उपयुक्त स्थल तय किए जाएं, ताकि यह व्यापार व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सके।
संगठन के अनुसार, निर्धारित स्थलों के चयन के दौरान आवासीय क्षेत्रों, विद्यालयों, धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक मार्गों, यातायात व्यवस्था, स्वच्छता और पर्यावरणीय मानकों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, जिससे आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
गौमांस के अवैध कारोबार पर हो प्रभावी नियंत्रण
ज्ञापन में गौवंश संरक्षण को धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक आस्था से जुड़ा अहम विषय बताते हुए नगर व जिले में गौमांस के अवैध विक्रय, भंडारण और परिवहन पर पूर्ण नियंत्रण की मांग की गई है। संगठन ने मांग की है कि संबंधित विभाग अपने अधिकार क्षेत्र में नियमित निरीक्षण करें, दुकानों के दस्तावेजों व अनुमतियों की जांच करें और प्रतिबंधित गतिविधियों की सूचना मिलने पर त्वरित कानूनी कार्रवाई करें। इसके लिए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और नगर निगम को आपसी समन्वय बनाकर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत बताई गई है।
गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने का प्रस्ताव भेजने का आग्रह
हिंदू जागरण मंच ने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि भारतीय समाज में गौवंश का कृषि व्यवस्था, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, दुग्ध उत्पादन और पारंपरिक जीवन में विशेष महत्व है। संगठन ने जिलाधीश से आग्रह किया है कि इस मांग को औपचारिक रूप से छत्तीसगढ़ शासन और केंद्र सरकार के पास प्रेषित किया जाए। इसके अलावा, निराश्रित गौवंश की देखरेख, गौशालाओं की समुचित व्यवस्था और बीमार गौवंश के उपचार के लिए भी एक प्रभावी कार्ययोजना बनाने की मांग की गई है।
संयुक्त बैठक कर जिम्मेदारियां तय करने की मांग
संगठन ने जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया है, ताकि मांस-मटन विक्रय के नियमन और गौवंश संरक्षण से जुड़े विषयों पर चर्चा कर विभागवार जिम्मेदारियां तय की जा सकें। ज्ञापन की प्रतियां राजनांदगांव नगर पालिक निगम के महापौर और पुलिस अधीक्षक को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं।










