राजनांदगांव। म्यूनिसिपल स्कूल खेल मैदान के रख-रखाव और सौंदर्यकरण के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद मैदान की स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। इसका मुख्य कारण यहाँ आए दिन आयोजित होने वाले गैर-शैक्षणिक कार्यक्रम हैं। रावण दहन के पश्चात् अब नगर पालिक निगम राजनांदगांव द्वारा इस खेल मैदान में फटाखा दुकानें लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिसका छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने नगर पालिक निगम राजनांदगांव के आयुक्त को पत्र भेजकर म्यूनिसिपल स्कूल खेल मैदान में पटाखा दुकानों के आवंटन की अनुमति न देने का स्पष्ट अनुरोध किया है।
श्री पॉल ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी आदेश दिनांक 10 मार्च 2015 की कंडिका 6 में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि शैक्षणिक संस्थानों एवं उनसे जुड़े खेल मैदानों का उपयोग किसी भी व्यावसायिक अथवा गैर-शैक्षणिक गतिविधियों के लिए नहीं किया जा सकता।
उन्होंने आरोप लगाया कि शासकीय नियमों को दरकिनार कर नगर निगम राजनांदगांव द्वारा खेल मैदान में फटाखा दुकानें लगाने की अनुमति दी जा रही है तथा दुकानदारों से किराए के रूप में भारी-भरकम राशि वसूलने की योजना है, जो कि पूरी तरह से गैर-कानूनी और नियम विरुद्ध है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि नगर निगम प्रशासन और आयुक्त द्वारा नियमों की अनदेखी कर खेल मैदान में फटाखा दुकानों की अनुमति प्रदान की जाती है, तो इसके लिए आयुक्त व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे तथा संगठन इसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कदम उठाने के लिए बाध्य होगा।










