गौरी नगर गोवंश मामला : हिंदू जागरण मंच ने सीएम को सौंपा ज्ञापन, पुलिस की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

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राजनांदगांव। शहर के गौरी नगर में गोवंश से जुड़ी घटना को लेकर हिंदू जागरण मंच ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर घटना में संलिप्त आरोपितों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई के साथ संबंधित थाना पुलिस की भूमिका की भी जांच कराने का आग्रह किया है। मंच का कहना है कि यदि जांच में किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही, पूर्व में मिली शिकायतों की अनदेखी अथवा आरोपितों को संरक्षण देने की बात प्रमाणित होती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके विरुद्ध विभागीय और वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

हिंदू जागरण मंच ने 20 अक्टूबर को जारी ज्ञापन में बताया कि 14 अक्टूबर को गौरी नगर क्षेत्र में गोवंश का कटा हुआ सिर मिलने की घटना से नागरिकों और गोसेवकों में आक्रोश है। संगठन के अनुसार यह मामला धार्मिक आस्था के साथ कानून-व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में घटना की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच आवश्यक है। मंच ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच कराने की मांग की है।

मंच ने ज्ञापन में सवाल उठाया है कि गौरी नगर और आसपास के क्षेत्रों में गोवंश से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियां कब से संचालित थीं। क्या पुलिस को पूर्व में ऐसी गतिविधियों की जानकारी मिली थी और यदि शिकायतें प्राप्त हुई थीं, तो उन पर क्या कार्रवाई की गई। संगठन ने संबंधित थाना प्रभारी सहित क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है।

संगठन का कहना है कि यदि पुलिस को पहले से शिकायतें मिली थीं और उन पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो इसकी भी जांच होनी चाहिए। लापरवाही या कर्तव्यहीनता प्रमाणित होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अधिकारी या व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई जांच में सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही होनी चाहिए।

हिंदू जागरण मंच ने गौरी नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में गोवंश से संबंधित पूर्व शिकायतों, दर्ज अपराधों और पुलिस कार्रवाई के अभिलेखों की समीक्षा कराने की मांग की है। संगठन के अनुसार जांच में यह स्पष्ट होना चाहिए कि संबंधित गतिविधियां केवल घटना वाले दिन तक सीमित थीं या पहले से संचालित हो रही थीं।

मंच ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, संबंधित व्यक्तियों के बयान और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाने पर जोर दिया है। साथ ही गिरफ्तार आरोपितों के अलावा जांच में जिन अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है, उनके विरुद्ध भी कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है।

ज्ञापन में संगठन ने कहा है कि यदि जांच और न्यायिक प्रक्रिया में यह प्रमाणित होता है कि संबंधित व्यक्तियों ने जानबूझकर ऐसी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया, जिनसे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की स्थिति बनी, तो सक्षम प्राधिकारी को प्रचलित कानूनों के तहत जिला बदर जैसी वैधानिक कार्रवाई पर भी विचार करना चाहिए।

मंच ने स्पष्ट किया कि ऐसी कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर ही की जानी चाहिए। किसी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए और वास्तविक दोषियों को कानून के अनुसार दंड दिलाया जाए।

हिंदू जागरण मंच ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस निगरानी बढ़ाने और नागरिकों से मिलने वाली शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने प्रकरण में दर्ज अपराधों, गिरफ्तारियों, जांच की प्रगति और पुलिस अधिकारियों की भूमिका से संबंधित जांच की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया है।

मंच ने कहा कि मामले में पारदर्शी कार्रवाई से नागरिकों का पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत होगा। संगठन ने मुख्यमंत्री से शीघ्र संज्ञान लेकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और प्रशासनिक लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है।