वर्षों के अनुभव को टीईटी के एक परिणाम से अयोग्यता का प्रमाण मानना उचित नहीं : अनीस खान

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राजनांदगांव। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अनीस खान ने छत्तीसगढ़ में वर्षों से सेवाएं दे रहे प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता को लेकर जारी आंदोलन का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इस विषय पर संवेदनशील, मानवीय और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

अनीस खान ने बताया कि टीईटी से संबंधित मूल प्रावधान एनसीटीई (NCTE) की 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना से लागू हुआ था। इसके बाद वर्ष 2017 में आरटीई (RTE) अधिनियम में संशोधन कर 31 मार्च 2015 तक नियुक्त या सेवारत शिक्षकों को न्यूनतम योग्यता हासिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया था। वर्तमान में इन-सर्विस शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करने की समय-सीमा 31 अगस्त 2028 तक निर्धारित है।

अनुभव और व्यावहारिक ज्ञान अधिक महत्वपूर्ण

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि केवल टीईटी परीक्षा पास कर लेना ही किसी शिक्षक की योग्यता की गारंटी नहीं है, और न ही परीक्षा न निकाल पाना किसी को अयोग्य या ज्ञानहीन साबित करता है। शिक्षक की वास्तविक दक्षता में उसका वर्षों का कक्षा-अनुभव, विषय का व्यावहारिक ज्ञान, बाल मनोविज्ञान की समझ और शिक्षण पद्धति प्रमुख होती है। ऐसे में दशकों से पढ़ा रहे शिक्षकों के अनुभव को केवल एक परीक्षा के आधार पर नजरअंदाज करना सर्वथा अनुचित है।

जिला व ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण दे सरकार

शिक्षकों को भय और असमंजस से बाहर निकालने के लिए अनीस खान ने सुझाव दिया कि सरकार को व्यावहारिक प्रशिक्षण की रणनीति तैयार करनी चाहिए। जिला और ब्लॉक स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धति, डिजिटल शिक्षा, कक्षा प्रबंधन और शैक्षणिक नवाचारों में प्रशिक्षित किया जाए, जिससे विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिले।

विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजे सरकार

उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र दोनों जगह एक ही दल की सरकार है। ऐसे में भाजपा सरकार को शिक्षकों के हित में सकारात्मक पहल करते हुए राज्य विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजना चाहिए और नियमों में आवश्यक संशोधन कराकर सेवारत शिक्षकों को राहत देनी चाहिए।

खान ने चिंता जताते हुए कहा कि कई शिक्षक सेवानिवृत्ति के करीब हैं और ऐसे मोड़ पर उनकी नौकरी पर संकट खड़ा करना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक भी शिक्षक के साथ अन्याय हुआ, तो कांग्रेस पार्टी सड़क पर उतरकर पुरजोर विरोध और आंदोलन करेगी।