पुतला उठाने का अधिकार भाजपा कार्यकर्ता को किसने दिया? : विपिन यादव

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राजनांदगांव। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विपिन यादव ने पूर्व सांसद एवं महापौर मधुसूदन यादव तथा भाजपा नेताओं के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा पूरे मामले में जनता का ध्यान असली मुद्दे से भटकाने का प्रयास कर रही है। छुरिया में कांग्रेस का कार्यक्रम पूर्व घोषित था तथा इसकी विधिवत सूचना प्रशासन को दी गई थी। छात्रों के हित, नीट परीक्षा में अनियमितताओं एवं शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित शांतिपूर्ण कार्यक्रम के दौरान भाजपा के एक कार्यकर्ता द्वारा कांग्रेस के वाहन में रखा पुतला उठाकर ले जाने का प्रयास किया गया, जिससे अनावश्यक विवाद की स्थिति निर्मित हुई।
विपिन यादव ने कहा कि भाजपा पहले यह बताए कि दूसरे दल के कार्यक्रम में घुसकर उसका पुतला उठाने का अधिकार उसके कार्यकर्ता को किसने दिया? आश्चर्य की बात है कि भाजपा आज कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग कर रही है, जबकि सबसे पहले भाजपा के जिला अध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं को उस भाजपा कार्यकर्ता के विरुद्ध संगठनात्मक अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी चाहिए, जिसने कांग्रेस के पूर्व घोषित कार्यक्रम में हस्तक्षेप कर पूरे विवाद को जन्म दिया। यही स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा और राजनीतिक मर्यादा है।
उन्होंने कहा कि महापौर मधुसूदन यादव पुतले के स्वामित्व और कीमत की बात कर रहे हैं, जबकि मूल प्रश्न यह है कि दूसरे दल के कार्यक्रम में हस्तक्षेप कर विवाद पैदा करने की अनुमति किसने दी? यदि कल कांग्रेस का कोई कार्यकर्ता भाजपा के कार्यक्रम में घुसकर उनका पुतला या अन्य सामग्री उठा ले जाए, तो क्या भाजपा उसे भी उचित ठहराएगी?
विपिन यादव ने कहा कि पूर्व महिला विधायक श्रीमती छन्नी साहू को सार्वजनिक रूप से जूते-चप्पल दिखाना क्या भाजपा की संस्कृति है या भारतीय संस्कृति? क्या यही भाजपा का नारी सम्मान है? यदि भाजपा वास्तव में महिलाओं के सम्मान की पक्षधर है तो उसे इस शर्मनाक कृत्य की खुले मंच से निंदा करनी चाहिए। भाजपा के नेताओं को यह भी बताना चाहिए कि क्या स्वतंत्र भारत के इतिहास में कांग्रेस के किसी कार्यकर्ता ने कभी भाजपा या किसी अन्य दल के पूर्व घोषित कार्यक्रम में घुसकर इस प्रकार का विवाद खड़ा किया है? यदि नहीं, तो छुरिया की घटना की शुरुआत किसने की, इसका उत्तर भी भाजपा को देना चाहिए।
जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राहुल तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक लड़ाई जनता के बीच लड़ी जाती है, दूसरे दल के कार्यक्रम में अराजकता फैलाकर नहीं। कांग्रेस किसी भी निष्पक्ष जांच से नहीं डरती, लेकिन भाजपा कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग करने के बजाय पहले अपने उस कार्यकर्ता पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करें, जिसने पूरे विवाद को जन्म दिया, यदि भाजपा वास्तव में संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और स्वस्थ राजनीतिक परंपराओं में विश्वास करती है, तो उसे दोषी कार्यकर्ता के विरुद्ध कार्रवाई कर सार्वजनिक रूप से यह संदेश देना चाहिए कि किसी भी राजनीतिक दल के लोकतांत्रिक कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न करना स्वीकार्य नहीं है।