ग्राम सूरगी सरपंच पर किसान ने लगाया आरोप सरपंच कर रहे हैं अपनी मनमानी जानबूझकर किसान के खेत के सामने सरकारी भवन निर्माण करवा रहे हैं

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ग्राम सूरगी सरपंच पर किसान ने लगाया आरोप सरपंच कर रहे हैं अपनी मनमानी जानबूझकर किसान के खेत के सामने सरकारी भवन निर्माण करवा रहे हैं

ग्राम के ही आम जनता को कर रहे है परेशान एक किसान के खेत के सामने भवन बनने के लिए खुदवा डाला कलाम गड्ढा

राजनांदगांव – सूरगी 15 जुलाई। इस वक्त अहम खबर निकल कर सामने आ रहा है जहाँ ग्राम सूरगी के गरीब फैमली में गुजर बसर करने वाले चंद्रिका सिन्हा निवासी सूरगी का एक खेत के सामने कलाम गड्ढा खोदवा दिया गया शासकीय भवन बनवाने के नाम पर जब कि खेत मालिक के द्वारा अनेको बार सरपंच सुघ्रिव साहू से निवेदन किया गया कि मेरे खेत के सामने भवन न बनवाया जाए ।

अगर मेरे खेत के सामने भवन बनवाया गया तो में कहा से आना जाना करेंगे । अनेको बार सरपंच सुघ्रिव साहू के पास अपना हाथ पैर जुडती रही कि ऐसा अनन्य मत करो लेकिन सरपंच अपने घमण्ड ओर अकड़ में एक गरीब किसान चंद्रिका सिन्हा के खेत के जस्ट सामने भवन के लिए कलाम गड्ढा खोदवा दिया गया । जब गाव सूरगी में ओर भी अनेक जगह है जहां पर भवन का निर्माण किया जा सकता है लेकिन सरपंच अपने अकड़ ओर घमंड के चलते किसी की नही सुन रहा है ।

जब कि चंद्रिका बाई सिन्हा अपने खेत मे मकान बनवाने के लिए 80,000 रु की लागत से ईंट मांगा कर रखा हुआ था। जिसे सरपंच सुघ्रिव साहू द्वारा बिना बताए जे सी बी मशीन के द्वारा उस ईट को हटवा दिया गया। जिससे ईट वही भिखर गया कई ईट तो वही टूट कर चकना चूर हो गया । तथा वही सिन्हा जी द्वारा अपने मकान बनने के लिए कुछ सामान रखने हेतु छोटा सा झोपड़ी नुमा झोपड़ पट्टी बनाया गया था जिसे भी जे सी बी के चपेट में आने से टूट फुट कर खत्म हो गया । जब कि सिन्हा जी द्वारा बतया जा रहा था कि उस झोपड़ी में कई काम के सामन रखा हुआ था ।

जिससे चंद्रिका बाई सिन्हा को काफी नुकसान को झेलना पड़ रहा है।पहले भी सरपंच के बारे में भी ओर भी शिकायत आ चुका है अभी आड़ में ही सरपंच के द्वारा एक किसान के खेत मे रखे पैरा को आग लगा दिया जिससे किसान पारख दास साहू पैरा के साथ साथ 60 नग पाईप जल कर रख हो गया था उसका भुकतान के लिए किसान पारख दास ने सरपंच सुघ्रिव साहू को बोला कि मेरा नुकसान का पैसा दे दो तो सरपंच सुघ्रिव साहू के द्वारा साफ साफ शब्दों में बोल दिया गया कि तुम को जो करना है कर लो मैं किसी से डरता नही मैं किसी भी चीज का पैसा नही दूंगा । जिससे किसान पारख दास साहू को भारी नुकसान झेलना पड़ा।