शेखावत – तोमर सँग क्या फिर कोरिया पहुँचेंगे करणी सैनिक ?

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रायपुर. 19 जुलाई के नजदीक आते ही एक बार फिर से तिहरा हत्याकाँड़, क्षत्रिय करणी सेना. डा. राजसिंह शेखावत, वीरेन्द्र सिंह तोमर, छत्तीसगढ़ का कोरिया जिला जैसे नाम मीडिया में तैरने लगे हैं. अपनी बची – खुची आबरू बचाने राज्य शासन कोरिया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) व नगर निरीक्षक (टीआई) पर कार्रवाई का भले ही दँभ भर ले लेकिन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) के मामले में उसका मौन बहुत कुछ उजागर किए जा रहा है.

उल्लेखनीय है, कि इस हत्याकाँड़ के बाद से सवर्ण समाज, क्षत्रिय समाज सहित 36 कौम में जबरदस्त आक्रोश है. 29 जून को मृतकों के तेरहवीं कार्यक्रम के दौरान यह आक्रोश परिलक्षित हुआ था.

0 शेखावत – तोमर ने भरी थी हुँकार

क्षत्रिय करणी सेना सहित सवर्णों ने इस हत्याकाँड़ को अपने पर हमला माना है. क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. राजसिंह शेखावत, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर मामले में कोरिया न्याय यात्रा के दौरान हुँकार भर चुके हैं.

शेखावत व तोमर के साथ सैकड़ों की सँख्या में कोरिया न्याय यात्रा के बैनर तले पहुँचे करणी सैनिक अब 19 जुलाई को श्रद्धाँजलि सभा का आयोजन करने की तैयारी में लगे हुए हैं. वह तारीख सिर पर आ गई है.

इसकी घोषणा पीडित परिवार व उसके मुखिया श्री राजेंद्र सिंह की सहमति पर हुई थी. शनिवार को अपने अधिकृत फेसबुक पेज पर लाइव हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर ने इसका उल्लेख करते हुए सैनिकों, समाज के लोगों सहित 36 कौम से पुनः अनुमति माँगी थी.

उधर, कोरिया एसपी रहे रविकुमार कुर्रे बदल दिए गए हैं. वह 13 दिसँबर 2024 से कोरिया में पदस्थ थे इस कारण इसे उन पर कार्रवाई मानना गलत होगा.

आईपीएस कुर्रे के स्थान पर राजधानी रायपुर से आईपीएस हरीश राठौर कोरिया एसपी के रूप में स्थानाँतरित किए गए हैं. वह फिलहाल सीएम सिक्योरिटी में एसपी के पद पर थे.

कुर्रे व राठौर का नाम 10 जुलाई को जारी हुई आईपीएस ट्राँसफर लिस्ट में था जोकि 24 अफसरों के तबादले से जुडी है. इसमें 12 जिलों के कप्तान बदले जाने की सूचना थी.

इसी तरह सोनहत के थाना प्रभारी रहे विनोद पासवान का भी स्थानांतरण हो गया है. उनका नाम उस 64 निरीक्षकों की सूची में शामिल है जोकि 8 जुलाई को जारी हुई थी. वह नारायणपुर भेजे गए हैं.

शासन – प्रशासन इसे कार्रवाई बताता फिरे लेकिन इस मामले में उसके हाथ पैर फूलते नज़र आ रहे हैं. दरअसल, 13 जुलाई यानिकि सोमवार से विधानसभा का मानसून सत्र प्रारँभ हो गया है.

विपक्ष से इतनी तो उम्मीद की ही जा सकती है कि वह पूरे मुद्दे को गँभीरता के साथ उठाएगा. तीन व्यक्तियों को इस तरह दर्दनाक तरीके से जिंदा जला दिए जाने के बाद सरकार के पास बोलने – बताने के अवसर ही नहीं रहे हैं.

ऊपर से क्षत्रिय करणी सेना के तेवर को देखते हुए उसकी रहस्यमयी चुप्पी शासन – प्रशासन को बैचैन किए जा रही है. उसे इस बात की कोई जानकारी ही नहीं मिल पा रही है कि इस तिहरे हत्याकाँड़ को लेकर सेना की क्या तैयारी है.

बहरहाल, माना जा रहा है कि सबकुछ पीडित परिजनों की मँशा पर ही निर्भर है. यदि उसने लडा़ई जारी रखने का निर्णय लिया तो फिर 19 जुलाई को हरहाल में श्रद्धाँजलि सभा का आयोजन होगा.

… और यदि ऐसा होता है तो फिर एक बार कोरिया नेशनल मीडिया में सुर्खियाँ बटोरेगा. क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. राजसिंह शेखावत, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर अपने सैनिकों के साथ पुनः कोरिया में गरजते नज़र आएँगे.

0 भौगोलिक परिस्थिति और घटनाचक्र :

  1. छत्तीसगढ़ के उत्तर – पश्चिमी भाग में कोरिया जिला स्थित है.
  2. कोरिया जिला सरगुजा सँभाग अँतर्गत आता है.
  3. बैकुंठपुर में जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है.
  4. बैकुंठपुर से उत्तर – पश्चिम दिशा में सोनहत थाना स्थित है.
  5. देश में चर्चित तिहरा हत्या काँड़ इसी सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई (कटगोड़ी) गाँव में हुआ था.
  6. जिला मुख्यालय बैकुंठपुर से उत्तर – पश्चिम दिशा की ओर घटनास्थल पड़ता है.
  7. घटनास्थल की दूरी बैकुंठपुर से तकरीबन 30 किमी है.
  8. 16 जून 2026 की रात को जनपद पँचायत सोनहत के पूर्व उपाध्यक्ष भरत उर्फ़ लल्ला सिंह गहरवार जिंदा जला दिए गए थे.
  9. उनके साथ ही नागेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह भी जिंदा जल मरे थे.
  10. गँभीर रुप से घायल योगेंद्रसिंह चौहान (65), मयंँक सिंह इस हत्याकाँड़ में किसी तरह बचे थे.
  11. मामले की पुलिस रपट सोनहत थाना में 17 जून 2026 को दर्ज की गई थी.
  12. रपट अनुसार 25 – 30 आरोपियों ने इस हत्याकाँड़ को अँजाम दिया था.
  13. अक्षय त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी नामक आरोपियों को सोनहत पुलिस ने 17 जून को गिरफ्तार किया था.
  14. 20 जून 2026 को मनोज त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी, निशान त्रिपाठी नामक आरोपियों ने मनेंद्रगढ़ कोतवाली में आत्मसमर्पण किया था.
  15. 23 जून को पुलिस ने मनीष त्रिपाठी, जितेंद्र त्रिपाठी, अनिल तिवारी को गिरफ्तार किया था.
  16. मामले में पुलिस पर ढीली कार्रवाई करने सहित शासन – प्रशासन पर गँभीर आरोप लगते रहे हैं.
  17. कोरिया की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सुश्री सुरेखा चौबे पर किसी तरह का एक्शन नहीं लिया जाना चर्चा का विषय है.