सोमनी हॉस्पिटल में नदारत मिले डॉक्टर और स्टाफ, वेतन रोकने के निर्देश

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राजनांदगांव। शहर से लगे ग्राम सोमनी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल अफसर सहित अन्य डाक्टरों व स्टाफ की मनमानी थमी नहीं है। मंगलवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. एनआर नवरत्न ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया, जिसमें डाक्टरों और स्टाफ की मनमानी खुलकर सामने आयी। कई डाक्टर, स्टाफ नर्स और फार्मासिस्ट बगैर सूचना दिए अस्पताल से नदारत मिले। जिस पर नाराजगी जाहिर करते हुए सीएमएचओ ने खंड चिकित्सा अधिकारी को अनुपस्थित डाक्टर व अन्य कर्मचारियों के एक माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए। ड्यूटी टाइम में अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भी थमाया गया।
सीएमएचओ डा. एनआर नवरत्न मंगलवार को ग्रामीणों की शिकायत पर सोमनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। निरीक्षण के दौरान संस्था प्रभारी द्वारा ड्यूटी रोस्टर प्रदर्शित नहीं किया गया था, जिसे प्रशासनिक लापरवाही माना गया। निरीक्षण में डॉ. गरिमा अग्रवाल (पीजीएमओ), डॉ. अनामिका शर्मा (चिकित्सा अधिकारी), डॉ. आईशा गाजी (आयुष चिकित्सा अधिकारी), स्टाफ नर्स चित्ररेखा और फार्मासिस्ट नेहा परवीन लंबे समय से बिना पूर्व अनुमति के अवकाश पर पाए गए।
सीएमएचओ डॉ. नवरत्न ने खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. नंदकिशोर टंडन को निर्देशित किया और सभी अनुपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ मई माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए। इसके अलावा बिना पूर्व अनुमति अनुपस्थित रहने और कार्य में लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान खंड चिकित्सा अधिकारी घुमका डॉ. नंदकिशोर टंडन एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एनएचएम) संदीप ताम्रकार सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

लंबे समय से चल रही मनमानी
सोमनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टरों की मनमानी लंबे समय से चल रही है। आए दिन डाक्टर ओपीडी समय में नदारत ही रहते है। ग्रामीणों की शिकायत है कि ओपीडी का समय सुबह नौ बजे से है, लेकिन डाक्टर 11 बजे अपने चैंबर में पहुंचते है। इस मनमानी के कारण मरीजों दो तीन घंटे इंतजार करना पड़ता है। पहले भी कई बार ग्रामीण डाक्टरों की मनमानी की शिकायत कर चुके है।

स्टाफ भर्ती पर भी उठ रहे सवाल
सोमनी अस्पताल में स्टाफ भर्ती को लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे है। सूत्रों की मानें तो पिछले छह-आठ महीने में बिना जीवनदीप समिति की बैठक के ही कई पदों पर भर्ती ले ली गई है। जिसमें लेन-देन के आरोप तक लग रहे है।

फाइलों में दब गई शिकायतें
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगे सीसी टीवी कैमरों में छेड़छाड़ सहित एलईडी टीवी के गायब होने की शिकायत फाइलों में दबा दी गई है। अस्पताल के कर्मचारी के खिलाफ पूरे परिसर में पोस्टर भी चस्पा किया गया था, जिसकी शिकायत के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने कोई एक्शन नहीं लिया। इसके कारण कर्मचारियों में रोष भी है।