रायपुर। बुद्ध पूर्णिमा और अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी (FDLP) ने छत्तीसगढ़ की सड़कों पर उतरकर शासन-प्रशासन की चूलें हिला दी हैं। अपनी मांगों को लेकर पार्टी ने 120 किलोमीटर लंबी विशाल रैली निकालकर हुंकार भरी, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
”हम भारत के लोग” लगाएंगे ताले: बड़ी चेतावनी
रैली के दौरान पार्टी के नेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि अधिकारी और कर्मचारी अपने संवैधानिक कर्तव्यों का पालन नहीं करते हैं, तो जनता खामोश नहीं बैठेगी। “देश के मालिक हम भारत के लोग हैं” के नारे के साथ पार्टी ने ऐलान किया कि कर्तव्यहीनता की स्थिति में शासकीय कार्यालयों में स्वयं जनता द्वारा ताले जड़े जाएंगे।
भ्रष्ट अधिकारियों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की तैयारी
FDLP ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। कार्यक्रम में स्पष्ट कहा गया कि:
वेतन पर रोक: भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन को रोकने के लिए दबाव बनाया जाएगा।
संपत्ति की जांच: दोषी अधिकारियों की चल-अचल संपत्ति की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग को लेकर मोर्चा खोला जाएगा।
दिग्गजों का मिला साथ, वकीलों की फौज भी उतरी
इस जनांदोलन को क्रांतिकारी नेता दादा जनक लाल कामरेड और नेल्सन मंडेला अवार्ड से सम्मानित दादा शेर सिंह आँचला जी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
शिवशंकर सिंह (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष): जिन्होंने अपने प्रखर संबोधन से कार्यकर्ताओं में जोश भरा।
महेंद्र साहू (प्रदेश अध्यक्ष): जिन्होंने प्रदेश स्तर पर भविष्य की रणनीति साझा की।
कानूनी ताकत: रैली की खास बात यह रही कि इसमें हाईकोर्ट के दर्जनों अधिवक्ताओं ने शिरकत कर यह संदेश दिया कि यह लड़ाई अब सड़क से लेकर अदालत तक लड़ी जाएगी।
”प्रशासन होश में आए, वरना जनता अपना हिसाब खुद करेगी। संविधान सर्वोपरि है और सेवक को अपनी मर्यादा में रहना होगा।”
— FDLP नेतृत्व
निष्कर्ष: 120 किलोमीटर की इस लंबी पदयात्रा ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासन के लिए FDLP एक बड़ी चुनौती बनने वाली है। प्रशासन की चुप्पी टूटेगी या आंदोलन और उग्र होगा, यह तो वक्त बताएगा, लेकिन हलचल तेज हो चुकी है।










