बाबा साहेब के आदर्शों से आलोकित हुआ पेंटा नवोदय, अम्बेडकर जयंती पर भव्य आयोजन

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सुकमा। पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय, पेंटा (सुकमा-1) में भारत के महान संविधान निर्माता एवं समाज सुधारक डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर जी की जयंती अत्यंत श्रद्धा, उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाई गई। पूरा विद्यालय परिसर उनके विचारों की ऊर्जा और प्रेरणा से ओत-प्रोत दिखाई दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य संजय कुमार मंडल द्वारा बाबा साहेब के चित्र पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित समस्त शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके महान जीवन-संघर्ष, त्याग एवं आदर्शों को विनम्र नमन किया।
अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में प्राचार्य ने डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर जी के अद्वितीय जीवन-संघर्ष, शिक्षा के प्रति उनकी अटूट निष्ठा तथा सामाजिक समानता की स्थापना में उनके अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि वे शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाएं और समाज में न्याय, समानता एवं भाईचारे की भावना को सुदृढ़ करें।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों ने भाषण, कविता पाठ एवं विचार प्रस्तुति के माध्यम से बाबा साहेब के जीवन, उनके संघर्षों तथा भारतीय संविधान निर्माण में उनकी भूमिका को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने उनके अमर संदेश शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर जी के अमूल्य विचारों को भी स्मरण किया गया। उनके प्रसिद्ध कथन मैं किसी समुदाय की प्रगति को महिलाओं द्वारा प्राप्त प्रगति के स्तर से मापता हूँ तथा जीवन लंबा होने के बजाय महान होना चाहिए, ने विद्यार्थियों को गहराई से प्रेरित किया। इन वचनों के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि शिक्षा, जागरूकता और संगठित प्रयास के द्वारा ही समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव है तथा जीवन को महान उद्देश्यों के लिए समर्पित करना ही सच्ची सफलता है।
इस गरिमामय अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण श्रीमती दीपिका समरिया, श्रीमती कृष्णा भलावी, अमन पंथी, मलय कुमार गायेन, पंकज नागेश, भीष्मा, गुलाब गवई, सुश्री सरस्वती मांझी एवं श्रीमती किरण महार की सक्रिय उपस्थिति रही, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
शिक्षकों ने भी अपने विचार रखते हुए विद्यार्थियों को भारतीय संविधान के मूल आदर्शों न्याय, स्वतंत्रता, समानता एवं बंधुत्व के महत्व से अवगत कराया तथा उन्हें एक जागरूक एवं उत्तरदायी नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में अनुशासन, एकता एवं सामाजिक जागरूकता की अद्भुत झलक देखने को मिली। विद्यार्थियों की सक्रिय एवं उत्साही सहभागिता ने कार्यक्रम को अत्यंत सफल एवं स्मरणीय बना दिया।
अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया तथा यह संदेश दिया गया कि बाबा साहेब के आदर्श केवल शब्दों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करे।
निःसंदेह, यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए न केवल प्रेरणादायक, बल्कि ज्ञानवर्धक एवं मूल्यपरक अनुभव सिद्ध हुआ।