राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में कर्तव्य न्याय भागीदारी आंदोलन ने पांच दिवसीय संविधान मंथन कार्यक्रम आयोजित कर समाज में संवैधानिक जागरूकता फैलाने का अनूठा प्रयास किया। इस दौरान समाज के विभिन्न वर्गों, पत्रकारों, कलाकारों, खेल और शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान देने वालों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान संविधान कथा वाचक आचार्य सूरज राही ने गीत और संगीत के माध्यम से संविधान के जटिल विषयों को सरल और रोचक शैली में लोगों तक पहुंचाया। उन्होंने भगवान बुद्ध के करुणा और शांति के संदेश के साथ डॉण् भीमराव आंबेडकर के न्याय, समानता और अधिकारों पर आधारित विचारों को भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवशंकर सिंह और प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत देवांगन ने बताया कि संविधान मंथन अब समाज में जागरूकता फैलाने का एक व्यापक अभियान बन चुका है। युवाओं, बुजुर्गों, महिलाओं और विद्यार्थियों की बढ़-चढ़कर भागीदारी इसे और प्रभावशाली बना रही है। आयोजकों का मानना है कि जब तक आम जनता संविधान को समझेगी नहीं, तब तक सशक्त लोकतंत्र की कल्पना अधूरी रहेगी।
राजनांदगांव से शुरू हुआ यह अभियान अब समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में प्रेरणा बन चुका है। इस कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी रूपेश जोशी, महासचिव सलमान खान, सचिव मनीष जैन, उपाध्यक्ष तुलसी गौतम, उमेश साहू, सचिव बलविंदर सिंह सिख, कोषाध्यक्ष सेवाराम सहित हजारों नागरिकों ने कोन्सटिट्यूशन मूनचान का आनंद लिया।
संविधान की सुरलहरियों ने लोगों को जागरूक किया और समाज को जिम्मेदार नागरिक बनाने में अहम भूमिका निभाई।
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