छुईखदान। क्षेत्र में इन दिनों गहरी आस्था, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। श्री किसान हनुमान जी की चार दिवसीय भव्य शोभायात्रा ने ग्रामीण अंचलों को पूर्णतः आध्यात्मिक वातावरण में रंग दिया है। यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, श्रद्धा और सेवा भाव का जीवंत उदाहरण बनकर उभर रही है।
शोभायात्रा जैसे ही एक गांव से दूसरे गांव की ओर बढ़ती है, वैसे ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है। हर ओर जय श्री राम और जय बजरंग बली के गगनभेदी जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठता है। छोटे-छोटे बच्चे हों या बुजुर्ग, महिलाएं हों या युवा हर वर्ग के लोग भगवान के दर्शन के लिए आतुर नजर आ रहे हैं। श्रद्धालु घंटों तक प्रतीक्षा कर केवल एक झलक पाने के लिए कतारों में खड़े रहते हैं।
यात्रा के स्वागत में गाँव-गाँव की सेवा समितियां पूरे उत्साह के साथ जुटी हुई हैं। बाजे-गाजे, ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत के साथ भगवान का भव्य स्वागत किया जा रहा है। कहीं ग्रामीण मार्गों पर पानी डालकर धूल को शांत कर रहे हैं, तो कहीं फूल-मालाओं से सजी भव्य द्वार सजाकर शोभायात्रा का अभिनंदन किया जा रहा है। कई स्थानों पर श्रद्धालु श्रीफल अर्पित कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
समिति की अध्यक्ष लुकेश्वरी जंघेल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह चार दिवसीय शोभायात्रा 50 से अधिक प्रभावित गाँवों से होकर गुजर रही है, जो चुना पत्थर खनन परियोजना एवं प्रस्तावित सीमेंट फैक्ट्री से जुड़े क्षेत्र हैं। इस यात्रा का उद्देश्य न केवल धार्मिक जागरूकता फैलाना है, बल्कि समाज को एकजुट करना और सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त बनाना भी है।
यात्रा मार्ग में माताएं और बहनें आरती की सजी हुई थालियों के साथ खड़ी रहती हैं और भगवान की आराधना करती हैं। दीपों की लौ और घंटियों की ध्वनि पूरे वातावरण को अलौकिक बना देती है। हर गाँव में श्रद्धालु भक्ति भाव से पूजा-पाठ कर रहे हैं और भगवान हनुमान से सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
इस शोभायात्रा के साथ-साथ विभिन्न गांवों की सेवा मंडलियां भी सक्रिय रूप से सहयोग कर रही हैं। पंडरिया, जंगलपुर, विचारपुर सहित अन्य कई गाँवों के सेवाभावी लोग निरंतर यात्रा के साथ चल रहे हैं और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए हुए हैं।
समिति के संरक्षक गिरवर जंघेल एवं मोतीलाल जंघेल ने बताया कि यह यात्रा जिस भी गाँव से गुजरती है, वहां का दृश्य अत्यंत भावुक और श्रद्धामय हो जाता है। लोग अपने घरों से निकलकर मार्ग के दोनों ओर खड़े हो जाते हैं और भगवान के स्वागत में भक्ति भाव से लीन हो जाते हैं। गिरवर जंघेल ने आगे बताया कि 2 अप्रैल को प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में किसान महापंचायत का आयोजन होगा, जिसमें आगे की रणनीति की जानकारी साझा की जाएगी।
विशेष बात यह भी है कि इस यात्रा में किसान आंदोलन से जुड़े नेतृत्वकर्ता भी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं, जो इसे एक व्यापक सामाजिक स्वरूप प्रदान करता है। यह आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक चेतना और एकजुटता का प्रतीक बनता जा रहा है।
इस भव्य शोभा यात्रा में प्रमुख रूप से समिति के संरक्षक गिरवर जंघेल, मोती लाल जंघेल, अध्यक्ष लुकेश्वरी जंघेल, संयोजक सुधीर गोलछा, मुकेश पटेल, कामदेव जंघेल, प्रमोद सिंह, बीरेन्द्र जंघेल, श्रवण जंघेल, राजकुमार जंघेल, सौरभ जंघेल, संजू चंदेल, मन्नू चंदेल, विक्रम यादव, ज्ञानेंद्र जंघेल, चिरंजय जंघेल, शारदा कौशल सरपंच, कैलाश जंघेल सरपंच, मंगलू साहू सरपंच, लेखराम जंघेल, लालू पाल बुंदेली, अशोक जंघेल, रमेश जंघेल, डॉ. नेतराम जंघेल भाजपा पूर्व मंडल अध्यक्ष, राधेमोहन वैष्णव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित हैं।
पूरे आयोजन में अनुशासन, सेवा भावना और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यह शोभायात्रा आने वाले समय में भी लोगों के हृदय में भक्ति और एकता का संदेश छोड़ जाएगी।
श्री किसान हनुमान जी की चार दिवसीय यात्रा बहुत भक्ति भाव और उत्साह के साथ शुरू हो कर आगे निर्धारित मार्ग की ओर अग्रसर है।
सुधीर गोलछा, संयोजक किसान अधिकार समिति
शोभा यात्रा के पश्चात नव निर्मित मंदिर परिसर में 1 अप्रैल सुबह 9 बजे से 2 अप्रैल सुबह तक अखंड राम नाम जाप होगा, इसके बाद ग्राम पंडरिया से कलश यात्रा निकलेगी, फिर प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होगा।
लुकेश्वरी जंघेल, अध्यक्ष किसान अधिकार संघर्ष समिति










