कमला कॉलेज में सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न : विज्ञान संकायों ने पाया नवाचार में नया दृष्टिकोण

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राजनांदगांव। रूसा 2.0 के अंतर्गत शासकीय कमलादेवी राठी महिला महाविद्यालय, राजनांदगांव में दिनांक 09 से 14 मार्च 2026 तक सात दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम फॉर साइंस फैकल्टीज का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अंजली अवधिया के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में किया जा रहा है, जिसमें संपूर्ण महाविद्यालय परिवार का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ।
विशेष रूप से रसायनशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष नंदिनी चंद्रवंशी के नेतृत्व में इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई। सात दिवसीय इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण के साथ-साथ अन्य महाविद्यालयों से भी अनेक प्राध्यापक एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे, जिन्होंने विभिन्न विषयों पर आयोजित व्याख्यानों को सुनकर महत्वपूर्ण ज्ञान एवं अनुभव प्राप्त किया। कार्यक्रम के प्रथम दिवस 9 मार्च 2026 को महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अंजली अवधिया, समस्त प्राध्यापकगण एवं छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।
प्रथम दिवस की मुख्य वक्ता नोडल अधिकारी डॉ. मोहन एल. वर्मा थे। इन्होंने अपने व्याख्यान में कम्प्यूटर आधारित प्रयोग, डिजिटल सिमुलाइजेशन और मॉडलिंग तकनीकी के माध्यम से विज्ञान सामग्री एवं नैनो-तकनीकी के क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार के लिए प्रशिक्षित किया।
डॉ. मोहन एल. वर्मा का व्याख्यान अत्यंत रोचक, चिंतनशील एवं ज्ञानवर्धक था, जिसमें उपस्थित सभी प्रतिभागियों को गहन विचार करने के लिए प्रेरित किया। इसके पश्चात् नायब उल मालिक द्वारा प्रैक्टिकल सेशन आयोजित करवाई गई, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दूसरे दिन का प्रारंभ भी विधिवत रूप से किया गया। इस दिन की मुख्य वक्ता डॉ. अंजली अवधिया रही। उन्होंने अपने संबोधन में क्वांटम फिजिक्स की आधुनिक शिक्षा में तकनीकी कौशल के महत्व पर प्रकाश डाला। द्वितीय सत्र में डॉ. मोहन एल. वर्मा द्वारा क्वांटम मैकेनिक्स विषय पर व्याख्यान दिया।
कार्यक्रम के तीसरे दिन विशेष व्याख्यान के लिए डॉ. अश्विन कुमार शर्मा शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय, राजनांदगांव को आमंत्रित किया गया। उन्होंने अपने व्याख्यान में आयोनाइजेशन एनर्जी, पीरियॉडिक टेबल, इलेक्ट्रान एफिनिटी, केमिकल बिहेवियर, केमिकल बांडिंग विषयों को विस्तार से समझाया। इस सत्र के पश्चात् विशेष व्याख्यान के लिए डॉ. कुसुमांजलि देशमुख शासकीय वीवाईटी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग से उपस्थित रही। उन्होंने अपने व्याख्यान में नीड ऑफ सिमुलेशन, मॉडर्न नैनो मटेरियल टेक्नोलॉजी, मेकिंग थिन फिल्म, ग्रीन सिंथेसिस के बारे में ज्ञानवर्धक बाते बताई।
कार्यक्रम के चौथे दिवस पर मुख्य वक्ता के रूप मे डॉ. हेनू कुमार वर्मा, आईआईटी भिलाई से उपस्थित रहे। इन्होंने रिसर्च पेपर बनाना, रिसर्च आइडिया फॉर लिमिटेड फैसेलिट्सि और रिसर्च से जुड़ी कई जानकारी दी।
कार्यक्रम के पांचवें दिवस पर मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. शुभ्रा मिश्रा, शासकीय नवीन महाविद्यालय, गुड़ियारी, रायपुर उपस्थित रही। उन्होंने अपने व्याख्यान में बौद्धिक संपदा के महत्व, शोध, नवाचार पेटेंट, कॉपीराइट और ट्रेडमार्क पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के अंतिम दिवस पर मुख्य वक्ता के रूप में सिमुलेशन प्रोग्राम के नोडल ऑफिसर डॉ. मोहन एल. वर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने अपने व्याख्यान में रिसर्च पेपर लिखते समय क्या-क्या सावधानी रखनी चाहिये तथा एआई टुल्स का उपयोग किस प्रकार किया जाना चाहिए, इस बारे में हमे विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में नोडल अधिकारी डॉ. मोहन एल. वर्मा, समन्वयक श्रीमती नंदिनी चन्द्रवंशी तथा सह.समन्वयक डॉ. सुरेश कुमार पटेल, आलोक कुमार जोशी एवं श्रीमती तारा ठाकुर रहें।
आयोजन समिति में अमरनाथ निषाद, लेखा प्रसाद उर्वशा, शिवेन्द्र कुमार, चंदन साहू, डॉ. चेतना गुप्ता, श्रीमती शीला राहा, श्रीमती शैलजा तिवारी तथा श्रीमती सानंवी पंजवानी ने सक्रिय रूप से सहयोग दिया। तकनीकी सहयोग रेवती रमन साहू एवं धनेश पटेल द्वारा प्रदान किया गया।
संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन श्रीमती तारा ठाकुर, सहायक प्राध्यापक, रसायन शास्त्र ने किया। इस प्रकार यह सात दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम फॉर साइंस फैकल्टी कम्प्युटर बेस्ड मटेरियल/नैनो-मटेरियल इनोवेशन अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।