राजनांदगांव। दिल्ली के चर्चित शराब नीति मामले में सीबीआई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और 23 अन्य आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया। इस फैसले ने देशभर में राजनीति को एक नया मोड़ दिया है और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में उल्लास का माहौल है।
गौरतलब है कि 21 मार्च 2024 को प्रवर्तन निदेशालय ने अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया था, उसके बाद 26 जून 2024 को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने उन्हें जेल से हिरासत में लिया था। 23 जुलाई 2024 को उन्हें जमानत मिली। दो वर्षों तक चले इस विवादास्पद मामले में सीबीआई कोर्ट ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया और केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य आरोपियों को बरी कर दिया।
फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा, मैंने हमेशा ईमानदारी से राजनीति की है। यह फैसला न केवल मेरी, बल्कि ईमानदार राजनीति की जीत है। मेरे खिलाफ यह झूठा मामला राजनीतिक षड्यंत्र के तहत तैयार किया गया था, और आज अदालत ने साबित कर दिया कि हम पर लगाए गए सभी आरोप निराधार थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा, लोकतंत्र को इस तरह से ताक पर न रखें, और संविधान का अपमान न करें।
राजनांदगांव में प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी के लोकसभा अध्यक्ष भूपेश तिवारी ने कहा, यह केवल दो नेताओं की नहीं, बल्कि सत्य, संविधान और ईमानदार राजनीति की जीत है। यह ऐतिहासिक विजय है, जो बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान की मूल भावना के अनुरूप है। हमारे नेताओं को षड्यंत्र के तहत फंसाया गया था, और आज न्याय ने सच को स्वीकार किया है।
फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राजनांदगांव और छत्तीसगढ़ के अन्य हिस्सों में मिठाइयाँ बांटी और एक-दूसरे को बधाई दी। पार्टी के नेताओं का कहना है कि यह निर्णय आने वाले समय में ईमानदार राजनीति को और मजबूती देगा।
आज का फैसला न केवल अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के लिए राहत की खबर है, बल्कि यह पूरे देश में राजनीति की दिशा पर भी असर डाल सकता है। यह फैसला उन नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ी जीत है जो सच्चाई और ईमानदारी के साथ राजनीति में बदलाव लाने का दावा करते हैं।










