राजनांदगांव। राजनांदगांव। जिले के एक प्रमुख महाविद्यालय के वार्षिक उत्सव को लेकर विवाद ने राजनीतिक रूप ले लिया है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि इस मंच का इस्तेमाल एक विशेष राजनीतिक दल के प्रचार के लिए किया जा रहा है, जो विद्यार्थियों की प्रतिभा और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के उद्देश्य के खिलाफ है। कांग्रेस का कहना है कि यह कार्यक्रम शैक्षणिक वातावरण से दूर हो चुका है।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि महाविद्यालय का वार्षिक उत्सव हमेशा से छात्रों की उपलब्धियों और रचनात्मक गतिविधियों को प्रदर्शित करने का अवसर रहा है, जिसमें दलगत राजनीति का कोई स्थान नहीं था। छात्रसंघ से जुड़े पूर्व पदाधिकारियों ने दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में सभी छात्रों को समान अवसर और सम्मान देने की नीति अपनाई थी।
नेताओं के मुताबिक, वे इस कार्यक्रम के कथित भाजपाकरण के खिलाफ शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जताने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई नेताओं को उनके घरों से हिरासत में ले लिया। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए विरोध जताया है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध करना उनका संविधानिक अधिकार है।
हिरासत में लिए गए नेताओं में प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के सचिव विशु अजमानी, पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री, एनएसयूआई नेता राजा यादव, युवा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष ऋषभ निर्मलकर, सागर ताम्रकार, संजय साहू और हनी सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल हैं।
घटना के बाद कांग्रेस के पदाधिकारी बसंतपुर थाना पहुंचे और पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए नेताओं की रिहाई की मांग की। कांग्रेस पार्टी के शहर जिला अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार, प्रदेश सचिव मेहुल मारू, कांग्रेस नेता अमित चंद्रवंशी, ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मण साहू, संदीप जायसवाल और वीरेंद्र चंद्राकर ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्षता बरतने की अपील की है।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं रुकता है, तो वे इस मुद्दे पर व्यापक स्तर पर लोकतांत्रिक आंदोलन करेंगे।
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