राजनांदगांव। सामुदायिक वनाधिकार और वन संसाधन प्रबंधन पर कार्य करने वाली संस्थाओं की राज्य स्तरीय बैठक शबरी कन्या आश्रम, दीनदयाल उपाध्याय नगर, रायपुर में आयोजित की गई। बैठक में कृष्ण कुमार वैष्णव, सदस्य, जनजाति सलाहकार परिषद, छत्तीसगढ़ शासन एवं विभिन्न संस्थाओं के लगभग 30 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मोहला-मानपुर-अं. चौकी जिले से जन कल्याण सामाजिक संस्थान के अध्यक्ष योगेन्द्र प्रताप सिंह ने भी इस बैठक में प्रतिनिधित्व किया।
बैठक की शुरुआत आनंद शुक्ल ने कार्यशाला की आवश्यकता और इसके प्रमुख विषय पर प्रकाश डालते हुए की। इस अवसर पर प्रदेश भर से आए विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन के कार्यों और उन्हें पार करने में आ रही कठिनाइयों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस कार्यशाला में प्रमुख रूप से यह निष्कर्ष सामने आया कि प्रदेश के कई जिलों में सामुदायिक वनाधिकार के अंतर्गत गांवों को जो वनाधिकार दिए गए हैं, उनमें पारंपरिक सीमाओं का ध्यान नहीं रखा गया है। वन विभाग ने अपने कम्पार्टमेंट के आधार पर वनाधिकार आवंटित किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप गाँवों के बीच सीमा विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इसके अलावा, मैदानी अमले के शासकीय कर्मचारियों की क्षमता वृद्धि की आवश्यकता भी महसूस की गई।
ग्राम सभा में लिए गए निर्णयों का सम्मान करने की आवश्यकता और गांव स्तर पर कार्य करने वाली संस्थाओं की भूमिका भी प्रमुख रूप से उभरी। बैठक में यह भी चर्चा की गई कि जिला और उप.जिला स्तर की समितियों की नियमित बैठकें नहीं हो रही हैं, जिसके कारण सामुदायिक वन प्रबंधन से संबंधित दावा प्रकरणों के निपटारे में अत्यधिक देरी हो रही है।
बैठक में यह भी बताया गया कि भारत सरकार के जनजाति विकास मंत्रालय के आदेश के बावजूद वन विकास निगम के लीज में मिले वन क्षेत्रों में सामुदायिक वनाधिकार के दावों को खारिज कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में बदलने का कार्य भी आंशिक रूप से ही हुआ है।
पेसा कानून के महत्व को रेखांकित करते हुए सभी संस्थाओं ने एक स्वर में ग्राम सभाओं से आमंत्रण प्राप्त करने और संस्थाओं द्वारा ग्राम सभा से प्रस्ताव लेने पर जोर दिया। उन्होंने भारत सरकार और राज्य शासन द्वारा जनजातियों के उत्थान और वन संरक्षण एवं संवर्धन के लिए बनाई जा रही नीतियों और कार्यक्रमों के बेहतर कार्यान्वयन पर भी बल दिया।
जन कल्याण सामाजिक संस्थान के अध्यक्ष योगेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में कार्यरत वनाधिकार पर कार्य करने वाली संस्थाओं को आपसी सामंजस्य से फील्ड में आ रही परेशानियों को शासन स्तर पर चर्चा कर समाधान करना चाहिए।
बैठक के अंत में कृष्ण कुमार वैष्णव ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए जानकारी दी कि अगली बैठक वनवासी विकास समितिए रायपुर में आगामी अप्रैल माह में आयोजित की जाएगी।










