राजनांदगांव। भाजपा सरकार द्वारा शराब दुकानों को लेकर जारी आदेशों के बावजूद 30 जनवरी को शराब दुकान का खुला रहना और होली में शराब दुकानों को बंद न करने के फैसले पर अब सियासी हलचल बढ़ गई है। विपक्षी दलों ने इसे लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ की आबकारी आयुक्त आर. संगीता का निजी स्वार्थ इस फैसले के पीछे छिपा हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, आबकारी आयुक्त आर. संगीता के पास पूरी शक्ति है कि वह तत्काल प्रभाव से आदेश जारी कर सकती हैं, जिससे होली के दिन शराब की दुकानें बंद हो सकें। लेकिन ऐसा न करने के पीछे उनका टारगेट पूरा करने की मंशा जताई जा रही है। विपक्ष का कहना है कि इसके चलते युवा पीढ़ी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है।
सूत्रों ने यह भी बताया कि प्रदेश के सभी कलेक्टरों को शराब के टारगेट को पूरा करने के आदेश दिए गए हैं, जो इस विवाद को और तूल दे रहा है। इसके विरोध में जोगी कांग्रेस ने भाजपा सरकार आबकारी आयुक्त आर. संगीत के खिलाफ खुलकर अपनी आवाज उठाई है।
अजीत जोगी युवा मोर्चा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष शमसूल आलम ने आरोप लगाया कि यह कदम राज्य में शराब की खपत बढ़ाने की ओर एक और कोशिश हो सकती है, जिससे छत्तीसगढ़ को शराबियों का गढ़ बनने से बचाना जरूरी है।
आलम ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में कोई ठोस आदेश जारी नहीं किया गया तो राजधानी रायपुर में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। जोगी कांग्रेस इस मुद्दे को प्रदेश स्तर पर उठाते हुए इसे लेकर सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है।
इस विवाद के बीच प्रदेश सरकार के फैसले को लेकर राजनीति गरमा गई है और अब देखना यह होगा कि क्या जल्द ही शराब दुकानों के संबंध में कोई आदेश जारी होता है या स्थिति जैसी की तैसी बनी रहती है।











