CAIT ने कृषि मंत्री रामविचार नेताम से मिल आगमी बजट हेतु की चर्चा कृषि उत्पादों व मंडी टैक्स में राहत पर विशेष जोर

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CAIT ने कृषि मंत्री रामविचार नेताम से मिल आगमी बजट हेतु की चर्चा**कृषि उत्पादों व मंडी टैक्स में राहत पर विशेष जोर

राजनांदगांव। देश के सबसे बड़े व्यापारी संगठन Confederation of All India Traders (कैट) ने छत्तीसगढ़ राज्य के आगामी आम बजट को लेकर कृषि मंत्री रामविचार नेताम से मुलाकात कर माननीय वित्तमंत्री ओ.पी. चौधरी को छत्तीसगढ़ बजट हेतु सुझाव सौंपे हैं।

जिला संगठन ने विशेष रूप से कृषि आधारित उत्पादों, मंडी टैक्स में राहत तथा स्थानीय-स्वदेशी व्यापार को संरक्षण देने पर प्राथमिकता देने की मांग की है।CAIT के प्रदेश संरक्षक अनिल बरडिया, जिला अध्यक्ष राजू डागा, संजय तेजवानी, भावेश अग्रवाल, संजय लड्ढा अमित खंडेलवाल, राजेश जैन सी ए, ललित भंसाली एवं लक्ष्मण लोहिया ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी कि *

0 कृषि आधारित उत्पादों पर विशेष ध्यान की मांग*कैट प्रतिनिधियों ने कहा कि आगामी बजट में कृषि आधारित उत्पादों पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। यदि कृषि उत्पादों पर लगने वाले व्यापारिक भार को कम किया जाता है, तो इसका सीधा लाभ आम उपभोक्ताओं को मिलेगा और महंगाई पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

संगठन का मानना है कि किसान, व्यापारी और उपभोक्ता — तीनों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित नीति बनाई जानी चाहिए।*0 मंडी टैक्स में छूट देकर व्यापार को राहत*कैट ने कहा, “आगामी बजट में मंडी टैक्स में छूट देकर भी व्यापार को बड़ा लाभ दिया जा सकता है।

मंडी शुल्क कम होने से थोक व खुदरा दोनों व्यापारियों को राहत मिलेगी और इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा।”संगठन ने बताया कि मंडी शुल्क में कमी से बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और आवश्यक वस्तुएं उचित मूल्य पर उपलब्ध हो सकेंगी।*0

स्थानीय व स्वदेशी व्यापार को संरक्षण जरूरी*कैट ने कहा, “स्थानीय और स्वदेशी व्यापार को संरक्षण देना समय की आवश्यकता है। आगामी बजट में यदि छोटे दुकानदारों, थोक व्यापारियों और स्ट्रीट वेंडर्स के लिए विशेष योजनाएं लाई जाती हैं, तो रोजगार बढ़ेगा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा मजबूत होगी।”संगठन का मानना है कि छोटे व्यापारियों को सशक्त बनाना प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।*0 बजट हेतु अन्य सुझाव

*0 ट्रेडर्स हेतु रियायती दर पर ऋण (Preferential Credit Policy) एवं “मुख्यमंत्री मेरी दुकान योजना” प्रारंभ की जाए।0 व्यापारियों के लिए बीमा एवं पेंशन योजना लागू की जाए।Ease of Doing Business को और सरल एवं प्रभावी बनाया जाए।0 मंडी शुल्क समाप्ति एवं कृषि उत्पादों पर व्यापारिक भार कम किया जाए।0 व्यापारिक क्षेत्रों में आधारभूत संरचना का विकास — स्मार्ट बाजार स्थापित किए जाएं।0 कमर्शियल सेक्टर हेतु सोलर सब्सिडी योजना लागू की जाए।0 स्मार्ट टूरिज्म नीति के अंतर्गत स्थानीय व्यापार को जोड़ा जाए।

अंत में CAIT ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि आगामी बजट में व्यापारी वर्ग की अपेक्षाओं को प्राथमिकता देते हुए ठोस निर्णय लिए जाएं, ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके और आम जनता को राहत प्राप्त हो। उक्त जानकारी जिला कैट के मीडिया प्रभारी लक्ष्मण लोहिया ने दी हैं।