राजनांदगांव/मोहला। जन कल्याण सामाजिक संस्थान, राजनांदगांव द्वारा 21 से 23 जनवरी तक मोहला में PESA, FRA एवं विकसित भारत–जी राम जी कार्यक्रम पर तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का सफल आयोजन किया गया। इसमें विकासखंड मानपुर के ग्राम पंचायत कोराचा, हलोरा और कंदाडी की सक्रिय ग्राम सभाओं के सदस्यों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम सभा सदस्यों को पेसा कानून (PESA), वन अधिकार अधिनियम (FRA) विशेषकर सामुदायिक वन अधिकार (CFR) तथा जंगल सीमांकन के लिए GPS आधारित तकनीकी प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी देना था, ताकि ग्राम सभाएं अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रभावी उपयोग करते हुए वन संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
प्रशिक्षक श्रीमती सरस्वती धुर्वे ने CFR से जुड़े कानूनी प्रावधानों, ग्राम सभा के वैधानिक अधिकारों, सामुदायिक दावा प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और प्रशासनिक चरणों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि CFR कानून ग्राम सभा को वन संसाधनों के संरक्षण, संवर्धन और सतत उपयोग के अधिकार देता है, जो आदिवासी एवं वन-आश्रित समुदायों की आजीविका के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
प्रशिक्षण का प्रमुख आकर्षण GPS आधारित जंगल सीमांकन रहा। प्रतिभागियों को GPS उपकरण के उपयोग, पॉइंट व ट्रैक रिकॉर्डिंग, नक्शा निर्माण और डेटा संग्रह की तकनीकी जानकारी दी गई। फील्ड अभ्यास के दौरान प्रतिभागियों ने स्वयं जंगल का सीमांकन कर प्राथमिक नक्शा भी तैयार किया।
कार्यक्रम में समूह चर्चा, केस स्टडी, अनुभव साझा करने के साथ प्रश्न–उत्तर सत्र आयोजित किए गए। प्रतिभागियों ने बताया कि प्रशिक्षण से उन्हें FRA और PESA की व्यावहारिक समझ मिली है, जिससे ग्राम स्तर पर सामुदायिक दावों और प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
संस्थान के कार्यकर्ता हरिश कुमार ने कहा कि ऐसे क्षमता विकास कार्यक्रम ग्राम सभा को निर्णय की मूल इकाई बनाते हैं और आदिवासी समुदायों को अपने संसाधनों पर अधिकार सुनिश्चित करने में सहायक होते हैं।
समापन सत्र में संस्था के अध्यक्ष श्री योगेन्द्र प्रताप सिंह ने प्रतिभागियों से अपील की कि वे प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को गांवों में साझा करें और PESA व FRA के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं।
ये रहे शामिल प्रतिभागी
ग्राम संबलपुर, बुकमरका, खेड़ेगांव, कोराचा, पिटेमेटा और बड़मा से विष्णु कुमेटी, निर्मल जाड़े, अशोक कांटेगा, श्रवण, मोहन, किशन साहू, देवेंद्र कुमार धुर्वे, सुरेंद्र कुमार, विनुता, रमाय कुमेटी, रामको और गजधार यादव उपस्थित रहे।










