बजट में स्वदेशी को मिले प्राथमिकता ऑनलाइन डिलीवरी व बड़े मल्टी लेवल स्टोर्स पर लगे अतिरिक्त कर

राजनांदगांव। आगामी केंद्रीय बजट को लेकर कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) राजनांदगांव ने सरकार के समक्ष महत्वपूर्ण सुझाव रखे हैं।

कैट ने बजट में स्वदेशी उत्पादों को अधिक से अधिक बढ़ावा देने, ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं पर 18 प्रतिशत अतिरिक्त कर लगाने तथा बड़े मल्टी लेवल स्टोर्स की रिटेल बिक्री पर अलग से टैक्स लगाने की मांग की है।*0 छोटे व्यापारियों के संरक्षण की मांग

कैट का कहना है कि वर्तमान में बड़े मल्टी लेवल और कॉर्पोरेट रिटेल स्टोर्स के कारण छोटे और मध्यम व्यापारी दुविधा में हैं। भारी छूट, ऑनलाइन डिलीवरी और टैक्स असंतुलन के चलते स्थानीय व्यापारी प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहे हैं।*0 ऑनलाइन डिलीवरी पर 18% अतिरिक्त टैक्स की आवश्यकता*

कैट ने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन डिलीवरी सेवाएं पारंपरिक व्यापार को नुकसान पहुँचा रही हैं। इसलिए इन सेवाओं पर 18 प्रतिशत अतिरिक्त कर लगाया जाना चाहिए, जिससे बाजार में एक जैसा अवसर मिल सके और स्थानीय व्यापार सुरक्षित रह सके।

0 बड़े मल्टी लेवल स्टोर्स पर रिटेल टैक्स लगाने की मांग* जिला कैट का कहना है कि बड़े मल्टी लेवल स्टोर्स की रिटेल बिक्री पर विशेष टैक्स लगाया जाना चाहिए, ताकि छोटे व्यापारियों को राहत मिल सके और व्यापारिक संतुलन बना रहे।

कैट के प्रदेश संरक्षक अनिल बरडिया, जिला अध्यक्ष राजू डागा ने कहा, कि “अगर बजट में स्वदेशी, छोटे व्यापार और स्थानीय बाजार को प्राथमिकता नहीं दी गई, तो आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना अधूरी रह जाएगी।”
जिला कैट के संजय तेजवानी, भावेश अग्रवाल, विष्णु प्रसाद लोहिया, संजय लड्ढा, अशोक पांडे, सूरज बुद्धदेव ने कहा कि स्थानीय व्यापार मजबूत होगा, तभी रोजगार बचेगा और देश की अर्थव्यवस्था सशक्त होगी। स्वदेशी को अपनाकर ही भारत आत्मनिर्भर बन सकता है। उक्त जानकारी जिला कैट के मीडिया प्रभारी लक्ष्मण लोहिया ने दी।











