राजनांदगांव। प्रदेश में धान खरीदी को लेकर किसानों की बढ़ती परेशानियों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक फड़नवीस ने सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मेहनतकश किसान, जिन्हें कभी प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आधार और गोल्डन मैन कहा जाता था, आज उसी सरकार की नजर में चोर बनते जा रहे हैं। टोकन जारी होने के बाद भी किसानों के घर-घर आरआई और पटवारियों को भेजकर धान की जांच कराना सरकार की नीयत और सोच पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अशोक फड़नवीस ने कहा कि जिन किसानों को धान विक्रय के लिए विधिवत टोकन दिया गया है, उन्हीं किसानों के घर राजस्व विभाग के पटवारी भेजकर इकट्ठा किए गए धान की मात्रा की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा सरकार में अब पटवारी ईडी और सीबीआई अधिकारी की भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को यह संदेश दिया जा रहा है कि उनके पास जितना धान मिलेगा, उतनी ही राशि उनके रकबे के अनुसार नहीं दी जाएगी, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। फड़नवीस ने सवाल उठाया कि जब फसल कटाई से पहले ही पटवारी खेतों में जाकर रकबा और संभावित उत्पादन का सर्वे कर शासन को रिपोर्ट सौंपते हैं, तो उसी आधार पर धान की खरीदी क्यों नहीं की जा रही। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार किसानों को संदेह की दृष्टि से देख रही है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि चुनाव के दौरान किसानों से बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन आज सरकार उन्हीं वादों से पीछे हटती नजर आ रही है। उन्होंने मांग की कि किसानों से 21 मि्ंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदी की जाए, खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त स्टाल और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा किसानों को तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
फड़नवीस ने कहा कि वर्तमान में बड़ी संख्या में किसान टोकन के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। प्रशासनिक अव्यवस्था के चलते किसानों को मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान किया जा रहा है। राजस्व विभाग में हितग्राहियों के काम लंबे समय से लंबित हैं और विभाग में अराजकता का माहौल बना हुआ है।
सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान शासन केवल एक प्रयोगशाला बनकर रह गया है, जिसे यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्रशासन को कैसे संचालित किया जाए। इसका सीधा असर पूरे प्रशासनिक तंत्र पर पड़ रहा है और किसानों सहित आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों के सम्मान और अधिकारों से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि सरकार ने जल्द अपनी नीति नहीं बदली तो कांग्रेस किसानों के हित में आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।










