राजनांदगांव। दिगंबर जैन समाज के नव पट्टाचार्य 108 विशुद्ध सागर जी महाराज का ससंघ मंगल प्रवेश 13 जनवरी, मंगलवार को राजनांदगांव में होने जा रहा है। यह आयोजन जैन समाज के लिए बड़े हर्ष और गर्व का विषय है। दिगंबर जैन समाज के सचिव सूर्यकांत जैन ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आचार्य श्री का विहार छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) से राजिम (छत्तीसगढ़) के लिए चल रहा है। उनके साथ 24 मुनियों का विशाल संघ छत्तीसगढ़ की पवित्र धरा को आशीर्वाद देते हुए राजनांदगांव पहुंचेगा।
सूर्यकांत जैन ने बताया कि आचार्य श्री ने 12 फरवरी को चंद्रगिरी डोंगरगढ़ पर्वत पर दिगंबर जैन आचार्य समाधि सम्राट 108 विद्यासागर जी महाराज की समाधि स्थल के दर्शन किए। इसके बाद, वे पैदल विहार करते हुए 13 जनवरी को शाम 4 बजे गुरुद्वारा चौक, राजनांदगांव पहुंचेंगे।
आचार्य श्री की मंगल अगवानी में सकल जैन समाज, दिगंबर जैन समाज और शहर की धर्म प्रेमी जनता गुरुद्वारा चौक में एकत्रित होकर उनका स्वागत करेगी। इस अवसर पर सु मधुर भजनों की प्रस्तुति के साथ नगर भ्रमण करते हुए आचार्य श्री दिगंबर जैन मंदिर, गंज लाइन पहुंचेंगे, जहां वे भगवान 1008 श्री नेमिनाथ के दर्शन करेंगे। इसके बाद, आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की प्रेरणा से बनने वाले उनके अंतिम प्रकल्प पाषाण के मंदिर का अवलोकन करेंगे।
सूर्यकांत जैन ने बताया कि इस विशेष अवसर पर उदयाचल प्रांगण में आचार्य श्री की मंगल देशना भी होगी, जिसका लाभ सभी धर्मप्रेमी जनता को मिलेगा। रात्रि विश्राम राजनांदगांव में होने के बाद प्रातः विहार होने की संभावना है।
दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष अशोक झंझरी, सचिव सूर्यकांत जैन और समस्त कमेटी ने सभी धर्म प्रेमी बंधुओं से अपील की है कि वे 13 जनवरी को शाम 4 बजे गुरुद्वारा चौक पहुंचकर आचार्य श्री की मंगल अगवानी में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त करें।










