रमजान के पवित्र महीने का आगाज : रईस अहमद शकील

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राजनांदगांव। जामा मस्जिद मुस्लिम समाज के अध्यक्ष हाजी रईस अहमद शकील ने कहा रहमतों और बरकतों का महीना रमजान आप सब को मुबारक हो, इस महीने कसरत से इबादत करिये, सुकून से रोजे रखिये, एहतमाम से तरावीह पढ़िये, खुदा से दुआ है कि आपका ये माहे रमज़ान कल्ब में अलग सी रुहानियत पैदा करें। माह-ए-रमजान की यह पाक शुरुआत अल्लाह की रहमत, मगफिरत और बरकतों का पैगाम लेकर आई है। यह वो मुबारक महीना है, जिसमें कुरआन नाजिल हुआ, जिसमें लैलतुल-कद्र छुपी है, और जिसमें रोजे रखकर, तरावीह पढ़कर, दुआ-ए-इस्तिगफार मांगकर हम अपने रब के करीब हो सकते हैं।
अल्लाह तआला आप सबके रोजे कबूल फरमाए, नमाजें मकबूल हों, गुनाह माफ हों और दिलों में सुकून व इंसाफ की रोशनी बढ़े। इस रमजान में हम सब मिलकर नेकी की राह पर चलें, एक-दूसरे की मदद करें और भाईचारे की मिसाल कायम करें। इस रमजान करीम में अल्लाह हम सबको इस पाक महीने की पूरी बरकतें अता फरमाए।
रईस अहमद ने कहा रमजान का पवित्र महीना अल्लाह की इबादत और आत्मसंयम का संदेश लेकर आता हैं, इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना रमजान हर मुसलमान के लिए विशेष महत्व रखता है। यह महीना इबादत, सब्र, आत्मसंयम और इंसानियत की सेवा का संदेश देता है। इसी महीने माह रमजान में पवित्र कुरआन-पाक नाजिल अवतरित हुआ था, इसलिए इसे रहमत और हिदायत का महीना भी कहा जाता है।
रमजान के दौरान मुस्लिम समुदाय स्वस्थ और सक्षम लोगों के लिए रोजा रखना अनिवार्य माना गया है। पूरे महीने के रोजे अल्लाह की इबादत और आध्यात्मिक पवित्रता का प्रतीक हैं।
18 फरवरी को चांद की तस्दीक (शिनाख्त) के बाद विशेष नमाज़ तरावीह पढ़ी गई। इसी तरह आज 19 फरवरी 2026 से पहला रोजा, सेहरी, अफतारी की शुरूआत होने जा रहा है, जो पूरे एक महीने तक चलेगा।
रईस अहमद शकील ने कहा रमजान का महीना न केवल रोजे रखने का समय है, बल्कि लोगों को आपसी भाईचारे, परोपकार और समाजसेवा की ओर प्रेरित करने वाला भी माना जाता है। इस दौरान मस्जिदों में विशेष नमाज तरावीह दुआ और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। रोजदारों से अपील की गई है कि वे रमजान के इस पवित्र महीने में इबादत, रोजा और जरूरतमंदों को जकात दान-पुण्य के माध्यम से रूहानी फैज (आध्यात्मिक) लाभ उठाएं, मुल्क के तमाम देशवासियों को माह-ए-रमजान की पुरखुलूस मुबारकबाद अल्लाह ईश्वर की इबादत, रहमत व असीम बरकतों और पूरे आलम-ए-इंसानियत की भलाई का यह मुकद्दस पवित्र महीना भारत देश में आपसी मोहब्बत, इत्तेहाद, भाईचारा, अमन और खुशहाली बनी रहे उम्मते-मुसलमा सभी की सेहत और सलामती के लिए दुआ करें, इसी तरह हमारा मुल्क भारत देश खूब आगे बढ़े।