नीलू शर्मा ने विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक आयोजनों में सहभागिता कर छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं का दिया संदेश

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष और केबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त नीलू शर्मा ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों में भाग लेकर जिले की समृद्ध परंपराओं और सामाजिक एकता का संदेश दिया। उनके इस व्यापक जनसंपर्क और सहभागिता से आयोजनों में शामिल श्रद्धालुओं और नागरिकों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
अपने प्रवास के दौरान श्री शर्मा ने लाल बहादुर नगर, डोंगरगढ़ में आयोजित श्रीरामकथा, ग्राम राजा भानपुरी में सस्वर मानस गान सम्मेलन, महाराष्ट्रीयन तेली समाज के वार्षिक स्नेह सम्मेलन, ग्राम दर्री में आयोजित श्री लक्ष्मीनारायण महा यज्ञ एवं संगीतमय मानस महोत्सव तथा ग्राम सांकरदाहरा (पांगरीकला) में आयोजित परिक्षेत्र स्तरीय भगवान श्री राजीव लोचन जयंती समारोह में भाग लिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने नगर देवांगन समाज द्वारा आयोजित आदर्श विवाह समारोह और परिचय सम्मेलन, जय माँ सरस्वती सेवा जस परिवार द्वारा आयोजित विराट देवी जस झांकी एवं गायन प्रतियोगिता तथा बाबा रामदेव मंदिरए राजनांदगांव में आयोजित जम्मा जागरण कार्यक्रम में भी भाग लिया।
नीलू शर्मा ने पाटीदार भवन, राजनांदगांव में परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने ग्राम धर्मापुर में श्रीमद् भागवत पुराण सप्ताह कार्यक्रम, बसंत पंचमी अवसर पर राजनांदगांव में मां सरस्वती उत्सव, अनुपम नगर में आदर्श महिला समूह द्वारा आयोजित श्रीराम कथा तथा राजनांदगांव की कुलदेवी माँ शीतला मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में भी भाग लिया।
अपने उद्बोधन में श्री शर्मा ने कहा, छत्तीसगढ़ की आत्मा उसकी संस्कृति, परंपरा और धार्मिक चेतना में बसती है। रामकथा, भागवत कथा, मानस गान, यज्ञ और ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज को केवल आध्यात्मिक ऊर्जा नहीं देते, बल्कि आपसी भाईचारे, नैतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि तेज रफ्तार जिंदगी के इस दौर में हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से अपनी आने वाली पीढ़ी को जोड़कर रखना चाहिए। इस तरह के आयोजन बच्चों और युवाओं में संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का भाव विकसित करते हैं।
श्री शर्मा ने आगे कहा, राजनांदगांव जिला धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। यहां की परंपराएं ही हमारी पहचान हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार और पर्यटन मंडल के निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के धार्मिक स्थलों, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक आयोजनों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना प्राथमिकता है।
आयोजकों, समाज प्रमुखों और स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए श्री शर्मा ने कहा, ऐसे सफल आयोजन समाज की सामूहिक सहभागिता से ही संभव होते हैं। यह हमारी एकता और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत उदाहरण है।