सुकमा। पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय पेंटा सुकमा 1 द्वारा विकासखंड कोंटा के विभिन्न शासकीय विद्यालयों में पेस सेटिंग एवं सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम 2025-26 के तहत प्रेरणादायक और सेवा आधारित गतिविधियां आयोजित की गईं। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रभारी प्राचार्य संजय कुमार मंडल ने किया। कार्यक्रम प्रभारी संजय कवाड़े (टीजीटी एसएसटी) और मलय कुमार (टीजीटी ऑर्ट) भी टीम के साथ मौजूद रहे।
टीम ने सबसे पहले शासकीय प्राथमिक माध्यमिक शाला पेंटा, संकुल केंद्र पेंटा का दौरा किया। यहां प्रधान शिक्षिका साधना बंजारे, प्रधान पाठक कट्टम रामकृष्ण, शिक्षक कट्टम राजा और सितम एरा ने टीम का स्वागत किया। विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उन्हें नियमित अध्ययन, लक्ष्य तय करने और बेहतर भविष्य के लिए मेहनत करने की सीख दी गई।
इसके बाद नक्सल प्रभावित क्षेत्र के शासकीय प्राथमिक शाला पोलमपल्ली, संकुल केंद्र पोलमपल्ली में पहुंचकर स्टाफ से चर्चा की गई। प्रधान पाठक पुष्पलता भारती और शिक्षक संतोष कुमार यादव से विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरतों पर बात की गई। विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा जारी रखने के प्रयासों की सराहना की गई।
टीम ने कन्या आश्रम कांकेरलंका का भी भ्रमण किया। यहां प्रधान पाठक जगमोहन सिंह मरावी, प्रधान अधीक्षिका रविनंदनी ठाकुर और सहायक अधीक्षिका चित्रलेखा धुर्वे की मौजूदगी में छात्राओं से संवाद हुआ। आश्रम में दर्ज 94 छात्राओं में से 90 उपस्थित रहीं। छात्राओं को उच्च शिक्षा के महत्व और कक्षा 6वीं की नवोदय प्रवेश परीक्षा की तैयारी के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नोटबुक, ड्राइंग बुक और पेन जैसी शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। साथ ही नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा से जुड़ी आवश्यक जानकारी साझा की गई।
नवोदय की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाना, शैक्षणिक संसाधनों तक पहुंच सुनिश्चित करना और समुदाय के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इस तरह के प्रयास शिक्षा के उजाले को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं।
प्राचार्य संजय कुमार मंडल ने बताया आगे भी जो है राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की स्थापना की जाएगी और राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से सामुदायिक सहभागिता स्वच्छता शिक्षा की एक नई पहल की शुरुआत की जाएगी। सुविधाओं से वंचित छात्रों के लिए उनकी शिक्षा के प्रयास किए जाएंगे।










