छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ ने 17 जनवरी के जिलास्तरीय आंदोलन का किया खुला और नि:शर्त समर्थन

1

रायपुर। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन ने आगामी 17 जनवरी 2026 को प्रदेश के सभी 33 जिला मुख्यालयों में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन और आंदोलन का आयोजन करने का ऐलान किया है। इस आंदोलन में प्रदेश के करीब 69 हजार सहायक शिक्षक शामिल होंगे। आंदोलन की मुख्य मांगें वेतन विसंगति दूर करना, एक लाख अस्सी हजार शिक्षक एलबी संवर्ग को क्रमोन्नति वेतनमान देना, पुरानी पेंशन बहाल करना, और प्रथम सेवा गणना के आधार पर समस्त लाभ देना हैं।

जागरूक शिक्षक संघ का समर्थन
इस आंदोलन को छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ ने खुला और नि:शर्त समर्थन दिया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने आंदोलन की सार्थकता और महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह शिक्षकों के लंबे समय से पेंडिंग मामलों को हल कराने के लिए एक अहम कदम है। साथ ही, उन्होंने सभी शिक्षक साथियों से अपील की है कि वे आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

समर्थन देने वाले प्रमुख नेता
संघ के अन्य प्रमुख नेता, जैसे प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र साहू, प्रदेश महासचिव भोजराम साहू, प्रदेश सचिव राजेंद्र लाडेकर, और प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र तिवारी ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए शिक्षकों की मांगों को जायज ठहराया है।

मुख्य मुद्दे

वेतन विसंगति को समाप्त करना

एलबी संवर्ग के एक लाख अस्सी हजार शिक्षकों को क्रमोन्नति वेतनमान देना

पुरानी पेंशन की बहाली

प्रथम सेवा गणना कर समस्त लाभ देना

संघ ने कहा कि एलबी संवर्ग के शिक्षक 1995-98 से सेवा दे रहे हैं, लेकिन उनके सेवा गणना में अनदेखी की जा रही है। इसके कारण उन्हें पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे कई शिक्षक सेवानिवृत्त होने के बाद आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। कुछ शिक्षक तो मजदूरी करने को मजबूर हैं, क्योंकि उन्हें पेंशन नहीं मिल रही है।

राजनीतिक वादों का उल्‍लेख
छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ ने यह भी बताया कि भा.ज.पा. सरकार ने 2018 के विधानसभा चुनावों से पहले अपने घोषणा पत्र में सहायक शिक्षकों के लिए वेतन विसंगति दूर करने, क्रमोन्नति वेतनमान देने और पेंशन बहाली की बात की थी। हालांकि, चुनावी वादे पूरे होने में दो साल से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन इन मुद्दों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

आंदोलन की रणनीति
17 जनवरी को होने वाले आंदोलन में प्रदेश के सभी शिक्षक संगठन के सदस्य शामिल होंगे। छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ ने अपने सभी जिला और विकासखंड अध्यक्षों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि इस आंदोलन में अधिक से अधिक शिक्षक साथी शामिल हों।

यह आंदोलन शिक्षकों के अधिकारों के लिए और राज्य सरकार से वादों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ का यह समर्थन आंदोलन को और भी मजबूत बना रहा है, और शिक्षक समुदाय सरकार से अपने अधिकारों को लेकर ठोस कदम उठाने की उम्मीद कर रहा है।