राजनांदगांव। केंद्रीय बजट को लेकर पूर्व जनपद सभापति और कांग्रेस नेता ओमप्रकाश साहू ने कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरी तरह से जनविरोधी और निराशाजनक है, जिसमें किसानों, मजदूरों, बेरोज़गारों और छोटे व्यापारियों के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया है।
साहू ने कहा, “यह बजट देश के आम लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया है। बढ़ती महंगाई, बेरोज़गारी और किसानों की बदहाली जैसे गंभीर मुद्दों पर कोई ठोस समाधान नहीं दिखता। रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन आम जनता को राहत देने के लिए बजट में कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।”
उन्होंने बेरोज़गारी पर भी सवाल उठाया, “देश का युवा वर्ग आज रोजगार की तलाश में है, लेकिन बजट में न तो सरकारी नौकरियों की घोषणा की गई और न ही स्थायी रोजगार सृजन की कोई स्पष्ट योजना है।” साथ ही, किसानों की एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग को भी सरकार ने नकार दिया है, जबकि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है।
साहू ने छत्तीसगढ़ राज्य के संदर्भ में कहा, “छत्तीसगढ़ जैसे संसाधन-समृद्ध राज्य के लिए बजट में कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया है, जिससे राज्य की जनता खुद को उपेक्षित महसूस कर रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों में बजट की प्राथमिकताएं कमजोर हैं।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि केंद्रीय बजट में बड़े दावे और आंकड़े तो प्रस्तुत किए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर आम नागरिक की समस्याओं का समाधान कहीं नजर नहीं आता।
इस प्रतिक्रिया से यह साफ है कि ओमप्रकाश साहू और उनकी पार्टी इस बजट से निराश हैं और सरकार से उम्मीद करते हैं कि वह आम जनता के मुद्दों को गंभीरता से उठाएगी।










